इस फोटो को ZOOM करके देखने पर आपको इसकी औकात पता चल जाएगी…

0
459

नई दिल्ली। चीन के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 7 बार मुलाकातें हुईं। इन 7 मुलाकातों में दोनों देशों के नेता 9 घंटे तक एक साथ रहे। भारत की चीन के साथ बढ़ती इस नजदीकी की वजह से पाकिस्तान परेशान नजर आ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय चीन दौरे के अंतिम दिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ ईस्ट लेक पर घूमते हुए बातचीत की। दोनों नेताओं ने नौका विहार भी किया और साथ ही चाय की चुस्की भी ली। लेकिन यह चाय भारत के दुश्मन देश पाकिस्तान का स्वाद बिगाड़ गई है।

दरअसल भारत और चीन ने आपसी सीमा विवाद हल करने की दिशा में आगे बढ़ने तथा एक दूसरे को मान्य समझौते के लिए अपने प्रयास तेज करने का फैसला किया है। इसके साथ ही दोनों देशों ने आतंकवाद को सांझा खतरा स्वीकार करते हुए इसके खिलाफ सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की।

देखिए पाकिस्तान का कैसे मजाक उड़ा रहे हैं लोग

पाकिस्तान भले ही नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा को लेकर परेशान नजर आ रहा हो लेकिन सोशल मीडिया पर यूजर पाकिस्तान के साथ चीन के संबंधों को लेकर मजाक उड़ा रहे हैं। अपने को चीन का सबसे अच्छा दोस्त बतानेवाले पाकिस्तान के पीएम के साथ पाकिस्तान में कैसा व्यवहार किया गया था इसी को लेकर ट्विटर पर लोग पाकिस्तान को आईना दिखा रहे हैं।

एक तरफ जहां चीनी मीडिया शी जिनपिंग और नरेंद्र मोदी के बीच हुई मुलाकात को बेहतर तरीके से पेश कर रही है। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की चीन यात्रा के दौरान उन्हें चीनी मीडिया के सामने जिस कुर्सी पर बिठाया गया था वहां वह फिट हीं नहीं बैठ रहे थे। इसी पर ट्विटर पर पाकिस्तान का मजाक उड़ाया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि चीन के सामने ये पाकिस्तान की औकता है। उसके प्रधानमंत्री को उसकी औकात के हिसाब से बैठने के लिए जगह दी गई। जबकि भारत के प्रधानमंत्री को शी जिनपिंग के साथ उनके बराबर का सम्मान वहां की मीडिया ने दिया।

भारत-चीन के बीच बढ़ते संबंधों पर थी पाक की नजर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा पर पड़ोसी देश पाकिस्तान नजर बनाये हुए था। पाकिस्तान, पीएम मोदी और शी की मुलाक़ात पर ऐसे नजर बनाये हुए था कि दोनों नेता मीडिया के सामने क्या कर रहे हैं, क्या बातचीत होती है और क्या समझौते हो सकते हैं।

हालांकि यह अनौपचारिक वार्ता थी। जहां सूचना से जुडी चीजों का आदान प्रदान हुआ है। दोनों के बीच रिश्तों को सुधारने और मजबूत करने की दिशा में बातचीत हुई है, लेकिन ‘चोर की दाढ़ी में जब तिनका’ होता है तो उसे करवट बदलने पर भी नींद नहीं आती है।

ऐसा ही कुछ पाकिस्तान के साथ दो दिन तक होता रहा। पीएम नरेंद्र मोदी के स्वागत से लेकर वापस लौटने तक पाकिस्तान टीवी पर ही नजरें जमाये रहा। बताया जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की जुगलबंदी पर पाकिस्तान में टीवी पर लम्बी लम्बी चर्चाए हुईं हैं।

जिसमें भारत और चीन के बढ़ते रिश्ते से पाकिस्तान को खतरा बताया गया हैं क्योंकि अभी तो चीन बड़ा भाई मानकर छोटे भाई पाकिस्तान के बुरे कामों को छुपा लेता है साथ ही उसकी तरफदारी भी करता है लेकिन भारत के साथ बढ़ती मित्रता पाकिस्तान को अब नहीं भा रही है।

अफगानिस्तान में साथ मिलकर काम करेंगे भारत-चीन, तो घबरा गया है पाक

पीएम नरेंद्र मोदी के दो दिनों के चीन दौरे में भले ही दोनों देशों के बीच कोई करार न हुए हों, लेकिन एक मुद्दे पर बनी सहमति पाकिस्तान को जरूर परेशान कर सकती है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अफगानिस्तान में चीन और भारत के साथ काम करने को लेकर पीएम मोदी और शी चिनफिंग ने सहमति जताई। दोनों नेताओं ने माना कि चीन और भारत को इंडिया-चाइना इकनॉमिक प्रॉजेक्ट के तहत अफगानिस्तान में काम करना चाहिए।

भारत और चीन के बीच बनी यह सहमति पाकिस्तान की चिंता को बढ़ाने वाली है, जो अफगानिस्तान में भारत के दखल को कम करने के लिए प्रयासरत रहा है। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि उन क्षेत्रों की पहचान की जाए, जिनमें भारत और चीन साथ मिलकर अफगानिस्तान में काम कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here