सीएम बनते ही येदियुरप्पा ने ले डाला ये जबरदस्त फैसला, जश्न के माहौल मे पूरा देश, दहाड़े मार कर रोये राहुल-सिद्धारमैया

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सफेद सफारी सूट पर हरे रंग का शॉल पहने बीएस येदियुरप्पा ने राजभवन में आयोजित समारोह में ‘मोदी, मोदी’ के नारों के बीच ईश्वर और किसानों के नाम पर गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मंगलवार को बीजेपी के सबसे बड़ी पार्टी बनने लेकिन बहुमत से दूर रहने के साथ खंडित जनादेश से लेकर अब तक नाटकीय घटनाओं की परिणति के लिए आयोजन स्थल तैयार किया गया।

राज्यपाल वजुभाई वाला ने येद्दियुरप्पा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उस समय येद्दियुरप्पा ने ईश्वर और कर्नाटक के किसानों के नाम पर शपथ लेने का फैसला किया। शपथ लेने के तुरंत बाद मीडिया के सामने आए येदियुरप्पा ने किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की।

कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने किसानों की कर्जमाफी को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे के तौर पर पेश किया था। येदियुरप्पा ने चुनाव प्रचार के दौरान खुद कहा था कि सरकार बनने के बाद वह जल्द से जल्द कर्जमाफी की घोषणा करेंगे। अपने किसान प्रेम को जनता के सामने पेश करने के लिए गुरुवार को येदियुरप्पा ने ईश्वर के साथ-साथ किसानों के नाम पर भी मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

शपथ ग्रहण के बाद सीएम बीएस येदियुरप्‍पा ने कहा, ‘तीसरी बार मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए मैं लोगों को बधाई देता हूं। मुझे खेद है कि कांग्रेस और जेडीएस ने एक अपवित्र गठबंधन बनाया।’ उन्‍होंने कहा कि वह सभी 224 विधायकों का समर्थन चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यकीन है कि कर्नाटक के विधायक अपने विवेक के अनुसार मतदान करेंगे।

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान येदियुरप्पा ने यह भी कहा कि हालांकि बहुमत साबित करने के लिए उन्‍हें 15 दिनों का समय मिला है, पर वह इससे पहले ही बहुमत साबित कर देंगे और इसके बाद कैबिनेट का विस्‍तार कार्यक्रम धूम-धाम से कराया जाएगा।

लिंगायत समुदाय में खासा प्रभाव रखने वाले 75 वर्षीय येदियुरप्पा दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। उन्हें विधानसभा चुनाव में किसानों के मित्र ‘रैथ बंधू’ के तौर पर पेश किया गया था। राजभवन के लिए रवाना होने से पहले येदियुरप्पा ने राधाकृष्ण मंदिर में दर्शन किए।

येदियुरप्पा के साथ केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा और प्रकाश जावड़ेकर तथा बीजेपी महासचिव पी मुरलीधर राव समेत उनके बेटे बी वाई राघवेंद्र और बी वाई विजयेंद्र मौजूद थे। वैदिक मंत्रोच्चार और ‘नादस्वरम’ वाद्ययंत्र की धुनों के बीच उन्होंने मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की। शपथ लेने के बाद येदियुरप्पा विधानसभा, राज्य सचिवालय गए और राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यालय में प्रवेश करने से पहले उन्होंने सीढ़ियों पर माथा टेका.

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