PM मोदी का दिखा ज़बरदस्त जलवा, मालामाल हो गया देश, वर्ल्ड बैंक में गाड़ा भारत ने झंडा, दुनिया भर के देश हुए हैरान

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नई दिल्ली : साल 2014 में पीएम बनते ही मोदी ने जो सबसे बड़ा फैसला लिया था वो था ‘जनधन योजना’. जिससे पीएम मोदी ने बेहद गरीब लोगों को भी बैंक जाने की हिम्मत दिलाई. 0 रूपए के साथ बैंक अकाउंट खोलने की सुविधा दी. इस फैसले की दूर विदेशों तक में चर्चा हो रही थी और सब तरफ से तारीफें मिली थी.

तो वहीँ जो बीज पीएम मोदी ने 2014 में बोया था वो अब 4 साल बाद फलदार वृक्ष बन गया है. पीएम मोदी की योजना ने इतिहास रच दिया है जिसका सबूत खुद वर्ल्ड बैंक दे रहा है.

लंदन से पीएम मोदी के लौटते ही भारत के लिए आयी बहुत बड़ी खुशखबरी

अभी मिल रही ताज़ा खबर अनुसार पीएम मोदी की योजनाओ और वित्तीय समावेश के प्रयासों को लेकर वश्व बैंक ने बहुत बड़ी रिपोर्ट दी है. आप जानकर हैरान रह जायेंगे वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने रिपोर्ट देखते हुए बताया कि विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार पूरी दुनिया भर में खोले गए नए बैंक खातों में से 55 प्रतिशत बैंक खाते अकेले भारत में खोले गए हैं.

विश्व बैंक की वैश्विक फिनडेक्स रिपोर्ट में मोदी सरकार के वित्तीय समावेश के प्रयासों को सराहा गया है. वैश्विक स्तर पर 2014-17 के दौरान 51.4 करोड़ बैंक खाते खोले गए। इनमें से 55 प्रतिशत बैंक खाते भारत में खुले हैं.

विश्व बैंक द्वारा जारी कि गयी इस रिपोर्ट में पीएम मोदी की जन धन योजना की सफलता का का ज़ोरदार डंका बजा है.जनधन खातों की कुल जमा राशि 80,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है. यह बात वित्त मंत्रालय के एक आंकड़े में कही गई है।. आंकड़े के मुताबिक इन खातों की कुल जमा राशि मार्च 2017 के बाद से लगातार बढ़ती जा रही है और ये 11 अप्रैल 2018 को 80,545.70 करोड़ रुपये के स्तर पर थी.

इसे कहते हैं सही मायने में महिलाओं का सशक्तिकरण

विश्व बैंक की इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वयस्क बैंक खाता धारकों की संख्या 2017 में बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई. इससे पहले 2014 में यह 53 प्रतिशत और 2011 में कांग्रेस के राज में मात्र 35 प्रतिशत थी. इसमें कहा गया है कि मोदी सरकार के प्रयासों से महिलाओं के बैंक खातों में ज़बरदस्त वृद्धि हुई और पुरुषों के मुकाबले महिला खाताधारकों की संख्या के बीच में अंतर कम हुआ है. आप जानकर हैरान रह जाएंगे साल 2014 में यह अंतर जहां 20 प्रतिशत था, वहीं 2017 में यह घटकर केवल 6 प्रतिशत रह गया है.

प्रधानमंत्री जन-धन योजना खाते उस समय भी चर्चा में आए जब नोटबंदी के दौरान इसमें से बहुत से खातों मोटी रकम जमा कराई गई थी. नवंबर 2016 के अंत में जनधन खातों में जमा रकम बढ़कर 74 हजार करोड़ से अधिक हो गई थी, जो कि उस महीने के शुरू में करीब 45 हजार करोड़ रुपये थी.

दिसंबर 2017 में जमा बढ़कर 73,878.73 करोड़ रुपये, फरवरी 2018 में 75,572 करोड़ रुपये और मार्च महीने में बढ़कर 78,494 करोड़ रुपये हो गई. जमा के साथ ही जनधन कार्यक्रम से जुड़ने वालों की संख्या भी बढ़ी है.

चीन में सबसे ज्यादा लोग बिना खाते के

चीन में सबसे ज्यादा 22.5 करोड़ लोगों का बैंक खाता नहीं है. इसके बाद भारत में 19 करोड़, पाकिस्तान में दस करोड़ और इंडोनेशिया में 9.5 करोड़ लोगों के पास खाता नहीं है.

बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ योजना के भी ज़बरदस्त परिणाम

इसी तरह पीएम मोदी की बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ योजना के भी ज़बरदस्त परिणाम देखने को मिल रहे हैं, 2014 में कांग्रेस सरकार के वक़्त हरियाणा में लड़के लड़कियों के बीच लिंग अनुपात में बहुत ज़्यादा गिरावट थी. 1000 लड़कों के साथ केवल 840 लड़कियां थी. ज़बरदस्त भ्रष्टाचार और पिछड़ेपन के कारण लोग कोख में ही बच्ची को मार देते थे.

लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद से आज हरियाणा में 1000 लड़कों पर 980 लड़कियां हैं और हरियाणा के सोनीपत जहाँ हालात हद से ज़्यादा ख़राब थे वहां लड़के लड़कियां बराबर पहुंच गए हैं. 1000 लड़कों पर 1000 लड़कियां का अनुपात हासिल कर लिया गया है

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