दोस्त ट्रम्प ने चीन पर किया सबसे कड़ा प्रहार, उड़ा डाले जिनपिंग के होश, पीएम मोदी हुए खुश…

0
217

ट्रंप का चीन पर 60 अरब डॉलर का शुल्क, व्यापार गोपनीयता व तकनीकी चोरी पर लगाया आर्थिक दंड, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को चीन के खिलाफ व्यापार गोपनीयता और तकनीकी की चोरी के लिए आर्थिक दंड के रूप में 60 अरब डॉलर के वार्षिक शुल्क का ऐलान कर दिया इस कदम से चीन की हालत खराब हो चुकी है.

ट्रंप प्रशासन का मानना है कि चीन ने अमेरिकी कंपनियों की अरबों की कमाई को लूट और हजारों नौकरियों को खत्म कर दिया। ट्रंप ने व्हाइट हाउस के राजनयिक कक्ष में चीन पर लगाए गए शुल्क की घोषणा के दौरान कहा, ‘जैसे के साथ तैसा। यानि अगर वह हमसे वसूलेंगे, तो हम भी ऐसा ही करेंगे।’ ट्रंप के इस कदम को लेकर वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ने की आशंका है।

दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते आर्थिक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ ट्रंप का यह अब तक का सबसे आक्रामक कदम होगा। व्हाइट हाउस प्रवक्ता राज शाह के मुताबिक ये प्रतिबंध अमेरिकी बौद्धिक संपदा की चोरी के मामले में लगाए जा रहे हैं।

आरोप है कि अमेरिकी कंपनियों को चीन अपनी सरकारी कंपनियों के साथ बौद्धिक संपदा साझा करने के लिए मजबूर कर रहा है। इससे निपटने को चीन के साथ होने वाले स्टील व एल्युमीनियम आयात पर 100 से ज्यादा श्रेणियों में चीनी निवेश को अमेरिका प्रतिबंधित करेगा। इनमें जूते व कपड़े से लेकर इलेक्ट्रॉनिक आयटम तक सारे सामान शामिल हैं।

चीन की महत्वाकांक्षी औद्योगिक नीति को रोकने के लिए चीनी निवेश पर प्रतिबंध लगाने के लिए ट्रंप अपने वित्त मंत्रालय को निर्देश देंगे। इस आक्रामक कदम का मकसद बौद्धिक संपदा और मोबाइल तकनीकी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों पर नियंत्रण करना है।

अपने चुनावी अभियान में ट्रंप ने चीन को आर्थिक दुश्मन करार देते हुए चीन को अमेरिकी नीतियों का इतना फायदा उठाने वाला देश बताया था जितना इतिहास में किसी ने नहीं उठाया। ट्रंप यह जानने के बावजूद यह कार्रवाई कर रहे हैं कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए उन्हें चीनी समर्थन की जरूरत है।

क्या है ट्रेड वॉर?

ट्रेड वॉर अर्थात कारोबार की लड़ाई दो देशों के बीच होने वाले संरक्षणवाद का नतीजा होता है. यह स्थ‍िति तब पैदा होती है, जब कोई देश किसी देश से आने वाले सामान पर टैरिफ ड्यूटी बढ़ाता है. इसके जवाब में सामने वाला देश भी इसी तरह ड्यूटी बढ़ाने लगता है.

ज्यादातर समय पर दुनिया का कोई भी देश यह कदम तब उठाता है, जब वह अपनी घरेलू इंडस्ट्री और कंपनियों का संरक्षण करने के लिए कदम उठाता है. इस ट्रेड वॉर का असर धीरे-धीरे पूरी दुनिया पर दिखने लगता है. इसकी वजह से वैश्व‍िक स्तर पर कारोबार को लेकर चिंता का माहौल तैयार हो जाता है.

पहले दे चुके थे चेतावनी

आपको बता दें कि ट्रंप इस बारे में पहले ही भारत और चीन जैसे देशों को चेता चुके थे. उन्होंने पहले कहा था कि अगर अमेरिकी सामानों पर टैक्स कम नहीं किया गया तो वे भी उतना ही टैक्स लगाएंगे. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दूसरे देशों से आयातित समानों पर बहुत कम टैक्स लगाता है, लेकिन दूसरे देश हमारे सामानों पर ज्यादा टैक्स लगाते हैं. ट्रंप ने धमकी भरे लहजे में कहा कि दूसरे देश टैक्स कम नहीं करेंगे तो हम भी जवाबी टैक्स लगाएंगे.

ये विडियो देखें :

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here