सनसनीखेज खुलासा: कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए राहुल ने किया था ये सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा, अब जायेंगे जेल

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बेंगलूरू : कर्नाटक में जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है. जनता कांग्रेस के नेताओं से इतनी त्रस्त हो चुकी थी कि कांग्रेस के 16 कैबिनेट मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा है. चुनाव में हार के बावजूद कांग्रेस ने जेडीएस को बिना शर्त समर्थन देते हुए बुद्धवार को राज्यपाल को 113 विधायकों का स्वीकृति पत्र सौंप दिया, मगर यहाँ भी कांग्रेस ने भ्रष्टाचार कर डाला.

कांग्रेस ने दी विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर वाली सूची

कांग्रेस पार्टी की नस-नस में लूट और भ्रष्टाचार इस कदर भर चुका है कि उसने राज्यपाल को सौंपे 113 विधायकों के स्वीकृति पत्र में भी भ्रष्टाचार कर डाला. खुलासा हुआ है कि कांग्रेस के कई विधायक विद्रोह कर चुके हैं, उन्हें कांग्रेस का जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बनाना रास नहीं आ रहा. ऐसे में इन विधायकों ने स्वीकृति पत्र में हस्ताक्षर करने से भी इंकार कर दिया था.

मगर स्वीकृति पत्र सौंपने की जल्दबाजी में कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपी विधायकों की सूची में अपने कई विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर कर लिए. ये खुलासा भारतीय जनता पार्टी की और से किया गया है. शुक्रवार को बीजेपी ने खुलासा करते हुए बताया कि सरकार बनाने का दावा करने के लिए कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपी विधायकों की सूची में अपने कई विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर किए थे.

मणिपुर में भी किया था फर्जीवाड़ा

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि किसी को भी यह बात समझ में नहीं आ रही है कि विधायकों के बेंगलूरू पहुंचने और कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले उसने सभी के हस्ताक्षर कैसे ले लिए.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए फर्जी हस्ताक्षर और अन्य दस्तावेज पेश करना कोई नई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि मणिपुर में जब खंडित जनादेश आया था तब भी कांग्रेस ने मणिपुर पीपुल्स पार्टी के समर्थन का एक फर्जी पत्र सौंपा गया था. उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने इसमें जालसाजी की थी.

सरकार बनने से पहले ही कांग्रेस का सूची घोटाला

बता दें कि येदियुरप्पा के गुरुवार को सीएम पद की शपथ लेने के बाद से कर्नाटक की राजनीति और गर्मा गई है. कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान जेडीएस को जमकर गरियाया था, आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला था, मगर पीएम मोदी को रोकने के लिए कांग्रेस उसी जेडीएस के साथ गठबंधन को तैयार हो गयी. जेडीएस के कुमारस्वामी भी सीएम पद के लालच में अपना अपमान भूलने को तैयार हो गए.

बताया जा रहा है कि कांग्रेस को पूरा यकीन था कि लिंगायत और मुस्लिम वोटों की बदौलत वो सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी, इसलिए उसने कोई प्लान बी बनाया ही नहीं. लिहाजा बीजेपी को ज्यादा सीट मिलने के बाद आनन्-फानन में कांग्रेस ने राज्यपाल को विधायकों की सूची सौंपने के लिए अपने कई विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर कर लिए और राज्यपाल को झूठी सूची सौंप दी.

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