सबसे बड़ा सर्वे! इस रोचक सर्वे में सामने आया PM मोदी को लेकर ऐसा तथ्य कि कईयों के होश उड़ जाएंगे..

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नई दिल्ली : विश्व के बड़े नेताओं को लेकर एक सर्वे किया गया है. इस सर्वे के नतीजे देखकर अच्छे-अच्छे लोगों के होश उड़ जाएंगे. वहीँ इस सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे हैं उससे मोदी लहर की चर्चा करने वाले लोग भी हैरान रह जाएंगे. इस सर्वे में पीएम मोदी के साथ चीन, अमेरिका, रूस के राष्ट्रपति, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान के साथ अन्य नेता भी शामिल हैं.

आपको बता दें कि उत्‍तर प्रदेश और बिहार के लोकसभा उपचुनावों में भाजपा को भले ही हार का सामना करना पड़ा हो लेकिन इससे पीएम मोदी की लोकप्रियता और उनके प्रभाव पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ने वाला है. वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में तो पीएम मोदी का प्रभाव बना ही रहेगा साथ ही 2024 में भी उनके सामने उन्‍हें टक्‍कर देने वाला कोई नहीं होगा.

दुनिया भर के ताकतवर देशों के नेताओं की मौजूदा स्थिति और अन्‍य कारकों के विश्‍लेषण के आधार पर ‘ब्‍लूमबर्ग’ ने यह निष्‍कर्ष निकाला है. पियू रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक नरेंद्र मोदी का ‘फेवरेवल रेट’ (लोकप्रियता या स्‍वीकार्यता) 88 प्रतिशत है, जबकि राहुल गांधी का मात्र 58 है. वहीं, दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल 39 प्रतिशत फेवरेवल और 40 प्रतिशत अनफेवरेवल हैं.

ब्‍लूमबर्ग के विश्‍लेषण के मुताबिक पीएम मोदी भारतीय राजनीति पर अपना दबदबा कायम रखेंगे. भारत में वर्ष 2019 में होने वाले आम चुनाव में जीतने की पूरी संभावना है. ऐसे में वह 2024 या उससे ज्‍यादा समय तक सत्‍ता में बने रहेंगे.

वहीँ इस सर्वे में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 2023 तक राष्‍ट्रपति बने रहने का रास्‍ता साफ हो चुका है. वहीँ इस सर्वे के अनुसार रूस की सत्‍ता पर पिछले 18 वर्षों से काबिज राष्‍ट्रपति व्‍लादीमिर पुतिन अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को खत्‍म कर चुके हैं. उनका अगला राष्‍ट्रपति चुनाव जीतना लगभग तय है। ऐसे में वह 2024 तक सत्‍ता में बने रहेंगे.

अगर बात किम जोंग की करें तो अमेरिका के साथ एक तख्तापलट, हत्या या युद्ध किम जोंग अन के लिए मुख्य जोखिम है लेकिन अगर उनमें से कोई भी उसे तबाह नहीं करता, तो वह दशकों तक उत्तरी कोरिया पर अपनी लोहे की पकड़ बनाए रखेंगे, जैसे उनके पिता और दादाजी ने किया.किम को अपने तीसवां दशक में माना जाता है, इसलिए उनका प्राकृतिक जीवनकाल एक और चालीस या पचास वर्ष तक आसानी से फैला सकता है.

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