सुप्रीम कोर्ट ने पलट डाला अपना फैसला, हिन्दुओं के लिए सुनाया ये बड़ा फैसला, वामपंथियों को लगा झटका

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NGT जो कि पर्यावरण की देखरेख करता है, पिछले साल इसने और कोर्ट ने मिलकर हिन्दू धर्म और त्यौहार पर कई हमले किये. विष्णो देवी यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को सिमित कर दिया. साथ कोर्ट ने शिवलिंग पर भस्म और फूल पत्ते चढाने पर रोक लगायी, फिर दिवाली पर पटाखों पर रोक लगा दी.

इस बीच अब कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पिछले साल के ngt के फैसले को पलट दिया है और हिन्दुओं को बड़ी खुशखबरी दी है.

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बहुत बड़ी खुशखबर आ रही है. अब अमरनाथ गुफा में कोई भी श्रद्धालु या व्यक्ति हिम शिवलिंग के सामने खड़ा होकर जयकारा लगा सकता है, कोई रोक टोक नहीं है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एनजीटी के आदेश को रद्द कर दिया है.

याद दिला दें पिछले साल एनजीटी ने अमरनाथ को साइलेंस जोन घोषित करने का आदेश दिया था. इसमें वहां पर घंटी बजाना, भजन गाना, जय बम भोले का जयकारा करना इस सब पर सख्त रोक लगा दी थी. जिससे लोगों का गुस्सा भड़क पड़ा था. इसके पीछे तर्क दिया गया था कि इससे हिम महाशिवलिंग पर असर पड़ता है और जल्दी पिघलने की आशंका बनी रहती है.

अपना फैसला सुनाते हुए एनजीटी ने तर्क दिया था कि कुछ मंदिरों मे बात करने की मनाही है और वहां पर साइलेंस जोन है, जैसे बहाई मंदिर, तिरुपति और अक्षरधाम में. वहीं अमरनाथ में ध्वनि के कारण लैंडस्लाइड का ख़तरा बढ़ जाता है. ऐसे में एनजीटी के अनुसार पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील होने और इलाके में ग्लेशियरों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यहां शोर-शराबा नहीं होना चाहिए और यात्रियों की संख्या भी सीमित होनी चाहिए.

इससे पछिली बार हिन्दुओं को भी सुप्रीम कोर्ट से ही इन्साफ मिला था जब एनजीटी ने आदेश जारी करते हुए माता वैष्णो देवी में एक दिन में सिर्फ 50 हजार यात्री ही दर्शन करने के निर्देश दिए थे. एनजीटी के आदेश के खिलाफ वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने उच्चतम न्यालय का दरवाजा खटखटाया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेश पर रोक लगा दी थी.

सारी पर्यावरण से संबधित खामियां हिन्दू धर्म में ही ngt को दिखने लगी थी. जिसके बाद एक के बाद हैरतअंगेज़ फैसले सुनाये गए. लेकिन अब जाकर कोर्ट ने उस ngt के ही फैसलों को पलटना शुरू कर दिया है, जिससे हिन्दुओं के चेहरे पर खो चुकी मुस्कान वापिस लौट आयी है.

बीते साल एनजीटी ने अमरनाथ गुफा श्राइन की पर्यावरण-संवेदनशीलता को बनाए रखने के लिए इसे मौन क्षेत्र घोषित कर दिया था और प्रवेश बिंदु से आगे धार्मिक रस्मों पर रोक लगा दी थी जिसे अब हटा दिया गया है.

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