राहुल को बचाते हुए कोंग्रेसियों ने सिद्धारमैया पर फोड़ा हार का ठीकरा, किया ऐसा अपमान, रो ही पड़े सिद्धारमैया

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नई दिल्ली : कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव जीतने के लिए क्या कुछ नहीं किया. जाति व् धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश, sc/st एक्ट पर बीजेपी के खिलाफ दुष्प्रचार किया, भीम आर्मी के जरिये दलितों को हिन्दुओं के खिलाफ भड़काने की कोशिशें की और किसानों को भड़काने तक की कोशिश की. मगर कांग्रेस को कर्नाटक में हार का कड़वा घूँट पीना पड़ा. मगर अब खबर है कि पार्टी के कुछ नेताओं के ऐसी हरकत कर दी है कि खुद सिद्धारमैय्या तक रो पड़े.

कोंग्रेसियों ने सिद्धारमैया पर फोड़ा हार का ठीकरा

दरअसल कांग्रेस की बुरी तरह हुई हार के साथ ही अब पार्टी में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. राहुल गाँधी को जनता बुरी तरह से नकार चुकी है और ये बात किसी से छिपी नहीं है कि राहुल जैसे ही प्रचार शुरू करते हैं, वैसे ही कांग्रेस की हार भी तय हो जाती है. मगर गाँधी परिवार की चाटुकारिता में कोंग्रेसी इस कदर डूबे हुए हैं कि किसी भी हार के लिए राहुल को जिम्मेदार नहीं ठहराते बल्कि हार का ठीकरा किसी और के सर पर ही फोड़ देते हैं.

कुछ ऐसा ही कर्नाटक चुनाव में हार के बाद भी हुआ है. कांग्रेस ने कर्नाटक में अपनी हार का ठीकरा कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सर पर फोड़ दिया है. बुधवार को पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार पर बोलते हुए सिद्धारमैया रो पड़े.

भावुक हुए सिद्धारमैया, आँखें हुई नम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने हार के लिए सिद्धारमैया को जिम्मेदार ठहराया. 69 वर्षीय सिद्धारमैया को कांग्रेस के कई वरिष्ठ विधायकों की आलोचना का सामना करना पड़ा. कोंग्रेसी नेताओं ने उम्मीदवारों के चयन एवं लिंगायत मुद्दे को लेकर सिद्धारमैया को मिली पूरी छूट का हवाला देते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के लिए सिद्धारमैया को जिम्मेदार ठहराया.

खबर है कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक के दौरान आलोचना झेल रहे सिद्धारमैया अपनी सरकार के ‘अच्छे विकास कार्यों’ के बावजूद कांग्रेस के हारने की बात करते हुए भावुक हो गए और उनकी आँखों में आंसू आ गए.

सबके सामने दिखाया गया नीचा

सिद्धारमैया ने 12 मई को हुए चुनाव में ‘ध्रुवीकरण’ को उन कारकों में से एक बताया जिनसे पार्टी की संभावनाएं प्रभावित हुईं. बताया जा रहा है कि इस बैठक में एक निर्दलीय विधायक सहित 73 विधायक मौजूद थे.

बताया जा रहा है कि सबके सामने ही कोंग्रेसी नेताओं ने सिद्धारमैया का अपमान शुरू कर दिया. राहुल का बचाव किया गया, किसी ने भी राहुल को हार का जिम्मेदार नहीं कहा बल्कि सिद्धारमैया पर ही टूट पड़े. सिद्धारमैया की आलोचना की गयी. उनके द्वारा लिए गए फैसलों में कमियां निकाली गयीं और कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के लिए केवल उनपर ही सारा दोष मढ़ दिया गया.

सूत्रों ने बताया कि लगातार आलोचना झेल रहे सिद्धारमैया काफी भावुक हो गए और उनकी आँखें नम हो गयीं. मगर इसके बाद खुद को संभालते हुए उन्होंने कांग्रेस की हार का सारा दोष ध्रुवीकरण का हवाला देते हुए बीजेपी पर मढ़ दिया. उनके मुताबिक़ बीजेपी ने समाज में ध्रुवीकरण कर दिया, जिसके कारण दलित, ओबीसी, आदिवासियों समेत सभी हिन्दुओं ने बीजेपी के पक्ष में एकतरफा वोट कर दिया और मुस्लिमों के वोट कांग्रेस को मिले मगर वो जीत के लिए काफी नहीं थे.

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