मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर शिवसेना ने किया ये बड़ा एलान, पलट डाला सारा खेल…

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लोकसभा को आम जनता की बहस करने के बजाय राजनितिक पार्टियों ने आखाड़ा बना के रख दिया है. लोकसभा लगातार 11वे दिन बाधित रही, YSR कांग्रेस और तेदेपा के ज़ोरदार हंगामे के कारण आज भी स्थगित करना पड़ा. हर दिन आम जनता के पैसों की बर्बादी हो रही है.

पहले दो सप्ताह की कार्यवाही हंगामे के कारण बाधित रहने के बाद सोमवार को भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सका. इससे पहले सुबह सदन की बैठक शुरू होने पर भी तेदेपा, वाईएसआर कांग्रेस, अन्नाद्रमुक और टीआरएस के सदस्यों ने आसन के समीप आकर नारेबाजी की और शुरू होते ही सदन की बैठक को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया.

अविश्वास प्रस्ताव पर शिवसेना ने किया बड़ा एलान

जिसके चलते आज नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सका लेकिन इस बीच बीजेपी की सहयोगी पार्टी जो आये दिन बीजेपी के खिलाफ बोल रही है आज उसने अचानक ही बड़ा फैसला ले लिया जिससे सभी की आखें खुली रह गयी.

अभी मिल रही ताज़ा खबर मुताबिक नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव आने पर शिवसेना ने खुद को अलग कर लिया है. ज्यादातर मौकों पर बीजेपी पर हमलावर रहने वाली सहयोगी पार्टी शिवसेना ने बड़ा चौंकाने वाला फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान उनकी पार्टी के सांसद लोकसभा में मौजूद नहीं रहेंगे.

राजनितज्ञ की आखें फटी रह गई

बतादें आजकल ऐसा कोई दिन नहीं है जिस दिन शिवसेना बीजेपी पर हमलावर नहीं रही हो, हर चुनाव पर, pnb घोटाले पर, कश्मीर पर, सब मुद्दों पर शिवसेना ने बीजेपी पर हमला किया. यहाँ तक उन्होंने ममता बनर्जी से भी मुलाक़ात कर ली. लेकिन आज अवशिवस प्रस्ताव पर अचानक से हाथ खींच लेने से हर सियासी राजनितज्ञ की आखें फटी रह गई.

शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि उनकी पार्टी की बीजेपी खिलाफ नाराजगी कायम है, लेकिन अविश्वसा प्रस्ताव के दौरान वह तटस्थ रहेगी. उन्होंने कहा कि लोकसभा में जब अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा, उस वक्त शिवसेना के 18 सांसद वहां मौजूद नहीं रहेंगे ना ही वे बीजेपी का समर्थन करेंगे न ही विरोध. जबकि इससे पहले उन्होंने खुद कहा था कि वे अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करते हैं.

राजनीति के जानकार का कहना हैं कि ऐसा लगता है शिवसेना परदे के पीछे कोई और खेल खेल रही है, क्यूंकि शिवसेना के इस कदम से बीजेपी सरकार को एक तरह से मदद ही मिलेगी, क्योंकि संसद में सांसदों की मौजूदगी कम होने पर बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए कम सांसदों की जरूरत पड़ेगी.

बता दें वाईएसआर कांग्रेस के वाईवी सुब्बारेड्डी ने लोकसभा सचिवालय को अविश्वास प्रस्ताव के लिए नोटिस को सोमवार की कार्यवाहियों में सूचीबद्ध करने के लिए लिखा है. वहीं टीडीपी ने भी अविश्वास प्रस्ताव के लिए नोटिस दे रखा है.

बीजेपी बिलकुल बेफिक्र है

तो वहीँ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बीजेपी बिलकुल बेफिक्र है. आंध्र प्रदेश में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के हरि बाबू ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि उन्हें जरा भी टेंशन नहीं है. हरि बाबू ने कहा, ‘बीजेपी के पास लोकसभा में पूर्ण बहुमत है, हम अविश्ववास प्रस्ताव का सामना करने के लिए तैयार हैं. ये सभी पार्टियां मिलकर भी बीजेपी का कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे, हम आसानी से बहुमत साबित कर देंगे.’

गौरतलब है, वाईएसआर कांग्रेस ने पिछले सप्ताह अविश्वास प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया था. मुद्दे पर बीजेपी की लंबे समय से सहयोगी रही तेदेपा ने इसके बाद सरकार से अपना नाता तोड़ने का फैसला किया और खुद ही अविश्वास प्रस्ताव लायी. यहाँ तक पीएम मोदी के भी फ़ोन पर बातचीत करने से तेदेपा पार्टी नहीं मानी. जबकि आर्थिक रूप से विशेष पैकेज भी आँध्रप्रदेश को मोदी सरकार तैयार है.

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