कश्मीर छोड़िये, देश के इस बड़े राज्य में अब केवल मुस्लिमों के लिए बनेंगे शरीयत घर, मोदी जी के भी उड़े होश

0
497

नई दिल्ली : वोटबैंक के लिए तुष्टिकरण करके कांग्रेस ने देश की क्या गत बना दी है, ये बात आप इस खबर को पढ़कर समझ जाएंगे. तुष्टिकरण अब केवल राजनीति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब व्यापारियों ने भी इसका फायदा उठाना शुरू कर दिया है. लव जिहाद, पीएफआई जैसे आतंकवादी संगठनों के लिए बदनाम हो चुके केरल से अब एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है.

‘शरीया’ के मुताबिक बनेंगे घर

केरल के एक बिल्डर ने तुष्टिकरण का उपयोग मुनाफ़ा कमाने के लिए करना शुरू कर दिया है. बिल्डर एक शरीया अपार्टमेंट बनाने जा रहा है, जिसका लक्ष्य इस्लाम के प्रति आस्था रखने वाले मुस्लिमों को उनके मुताबिक आवास मुहैया कराना है. इस आवास के हर कमरे को बनाने में शरीया का पूरा ख्याल रखा जाएगा. पश्चिम कोच्चि में बनने जा रहे इस आवास में मक्का की तरफ फेस वाले फ्लैट बनेंगे.

इन घरों में शरीया कानून के तहत नमाज का कमरा और बाथरुम के साथ ही नमाज के वक़्त को बताने वालीं घड़ियां लगाई जाएंगी. इसके अलावा इस तरह का लेआउट तैयार किया जाएगा, जिससे नजदीकी मस्जिद की अजान सभी कमरों में आसानी से सुनी जा सकेगी. इसके अलावा नमाज से पहले नहाने-धोने के लिए अलग से जगह बनाई जाएगी, टॉयलेट और अन्य चीजों की व्यवस्था भी होगी.

गाय काटने, बीफ खाने पर नहीं होगी पाबंदी?

यह देश में अपनी तरह के पहले फ्लैट होंगे, जिनका नक्शा इस्लामिक रीति-रिवाजों के अनुसार तैयार किया जाएगा. एक मेडिकल प्रोफेशनल डॉक्टर फातिमा निलोफर ने कहा, इस तरह की जगह में लोग समान आस्था, खान-पान की आदतें और समान वेशभूषा में रहेंगे. उन्हें वो क्या हैं और क्या खाते हैं इसकी वजह से आलोचना का शिकार नहीं होना पड़ेगा. उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें कोच्चि में अपने लिए किराए पर एक घर लेने में दिक्कतें हुई थीं.

यानी यहाँ इस्लाम को मानने वाले ही रहेंगे और यहाँ बीफ खाने को लेकर कोई पाबंदी नहीं होगी. इस तरह की सोसाइटी में गैर मुस्लिमों का रहना मुश्किल है. यदि इस तरह के आवास शहर में कामयाब हो जाते हैं तो अन्य शहरों में भी इस तरह की सोसाइटी बनने लगेंगी.

कश्मीर जैसे हालात होंगे देशभर में

निलोफर ने कहा, ‘यह प्राकृतिक है कि लोग खुद के लिए इज्जत चाहते हैं, हालांकि आलोचकों का इस तरह के आवास पर कहना है कि यदि ऐसी हाउसिंग कॉलोनी को बढ़ावा दिया गया तो इससे अलगाव की मानसिकता को बढ़ावा मिलेगा. केरला अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के कानूनी सलाहकार वकील जैकब मैथ्यू मनालील ने कहा, समाज पहले से ही धर्म और जातियों में बंटा हुआ है. इस तरह की पहल समाज को और कमजोर कर सकती हैं.

वहीं बिल्डर्स के संगंठन क्रेडाई के अध्यक्ष नजीब जकारिया को इस तरह के प्रयोग में कुछ गलत नहीं लगता है. उन्होंने कहा, हर कोई बिलडर अपने प्रगतिशील विचारों को लेकर सामने आ सकता है. जब तक आप कोई कानून नहीं तोड़ते हैं, हर चीज मान्य है. प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद बिक जाएगा. सबसे बड़ी चीज जो मायने रखता है वह है ग्राहकों की खुशी.

गुस्से में देश की जनता

वहीँ सोशल मीडिया में इसका विरोध होना शुरू हो गया है. लोगों का कहना है कि अब केरल में इस तरह की सोसाइटी बनेंगी, जिनमे केवल मुस्लिम ही रहा करेंगे. धीरे-धीरे ऐसी सोसाइटी देशभर के अलग-अलग राज्यों में बनने लगेंगी और लंदन व् अमेरिका की तरह देश में भी “नो गो” ज़ोन्स बन जाएंगे. अभी भी देश के कई मुस्लिम बहुल इलाकों से अन्य लोगों का गुजरना दूभर है, इस तरह की सोसाइटी से तो कश्मीर की ही तरह देश के हर राज्य में अलगाववाद पनपने लगेगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here