भारत के बारे में आई ये ज़बरदस्त रिपोर्ट, अवार्ड वापसी गैंग को झटका , शाहरुख़, आमिर मांगेंगे माफ़ी ?

0
310

मोदी सरकार के आने के बाद देश में कुछ लोगों को असहिष्णुता नज़र आने लगी और अचानक से देश में एक पूरा गैंग उठकर खड़ा हो गया l दादरी में एक अखलाक़ क्या मरा, ऐसा लगा मानो जैसे देश में पहली बार किसी की मौत हुई हो l अखलाक़ की मौत पर पहले तो जमकर रुदन हुआ और फिर इस बुज़ुर्ग की मौत पर सियासत से अपना रंग चढ़ा दिया l

देश के कुछ कलाकारों, तथाकथित बुद्धिजीवियों, डिजायनर पत्रकारों और विपक्ष के सियासतदानों को देश में असहिष्णुता नज़र आने लगी l इसके बाद तो भरे मंच से भारत को असहिष्णु देश बताया गया और ये बिलकुल नहीं सोचा गया कि इसका देश की छवि पर क्या असर पड़ेगा l मोदी विरोध में ये गैंग इतना बावला हो गया कि सरेआम मंचों से और मीडिया का ध्यान अपनी तरफ लाकर यही हल्ला मचाया गया कि भारत एक असहिष्णु देश हो गया है l

ध्यान है आपको आमिर खान का वो बयान जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी का सहारा लेते हुए कहा था कि ‘‘मैं जब घर पर किरण के साथ बात करता हूं, वह कहती हैं कि ‘क्या हमें भारत से बाहर चले जाना चाहिए?’ किरण का यह बयान देना एक दुखद एवं बड़ा बयान है। उन्हें अपने बच्चे की चिंता है। उन्हें भय है कि हमारे आसपास कैसा माहौल होगा। उन्हें प्रतिदिन समाचारपत्र खोलने में डर लगता है।’’

इसके बाद आमिर के बयान को खूब हवा दी गयी और इसके बाद देश में अवार्ड वापसी का दौर चला l तथाकथित बुद्धिजीवियों ने सरकार द्वारा दिए गए अपने अवार्ड वापिस करना शुरू कर दिया और ये कहा गया कि ऐसा उन्होंने देश में बढ़ती असहिष्णुता की वज़ह से किया l

इसके बाद शाहरुख़ खान को ये अवार्ड वापसी गैंग बड़ा हिम्मत वाला लगा और उन्होंने एनडीटीवी की बरखा दत्त से इंटरव्यू के दौरान कहा कि “मुझे लगता है कि जो लोग अवॉर्ड लौटा रहे हैं वो बहुत हिम्मत वाले लोग हैं। मैं उनके साथ हूं। अगर वे चाहेंगे कि मैं उनके साथ किसी मार्च में आऊं या प्रेस कॉन्फ्रेंस करूं तो मैं तैयार हूँ l”

अब भारत में असहिष्णुता का राग अलापने वाले इन्हीं प्रलापियों के लिए एक रिपोर्ट आई है, जिसे पढ़कर शायद आमिर, शाहरुख़ समेत अवार्ड वापसी गैंग को कुछ शर्म आये l अब बात रिपोर्ट की l मोदी सरकार के आने के बाद पिछले कुछ समय में भारत में सहिष्णुता बनाम असहिष्णुता का विमर्श काफी तेजी से चल पड़ा है। पर क्या आप जानते हैं कि सहिष्णुता के पैमाने पर भारत की विश्व में क्या स्थिति है?

इसे लेकर एक नए सर्वे का रिजल्ट सामने आया है। इसके मुताबिक भारत सहिष्णु देशों की लिस्ट में चौथे स्थान पर है। कनाडा, चीन और मलयेशिया के बाद भारत का स्थान आता है।

यह सर्वे इस साल के शुरुआत में Ipsos MORI द्वारा किया गया है। स्टडी के लिए 27 देशों में करीब 20 हजार लोगों का इंटरव्यू किया गया। इसमें उन तथ्यों को सामने लाने की कोशिश की गई जो नागरिकों के मुताबिक मतांतर या समाज को बांटते हैं सर्वे के मुताबिक 63 फीसदी भारतीय अलग-अलग बैकग्राउंड्स, संस्कृति या दृष्टिकोण वाले लोगों के पॉइंट पर भारत को सहिष्णु देश मानते हैं।

वहीं हंगरी के लोग अपने देश को सबसे कम सहिष्णु मानते हैं। इसके बाद साउथ कोरिया और ब्राजील का स्थान है। सर्वे के मुताबिक भारत में 49 फीसदी लोगों को लगता है कि राजनीतिक विचारों में मतभेद तनाव का का कारण बनते हैं। 48 फीसदी लोग इसके लिए धर्म जबकि 37 फीसदी लोग सामाजिक-आर्थिक गैप को वजह मानते हैं।

सर्वे के मुताबिक 53 फीसदी भारतीयों को लगता है कि दूसरे बैकग्राउंड, संस्कृति या दृष्टिकोण वाले लोगों से मेलजोल पर आपसी समझ और सम्मान की भावना पैदा होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here