सेना को लेकर दुनिया की सबसे ताक़तवर एजेंसी ने दी चौंकाने वाली रिपोर्ट, चीन के पैरों तले ज़मीन खिसकी

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हमारी भारतीय सेना के जवान दिन पर दिन मज़बूती की हर परिकाष्ठा को पार करते जा रहे हैं. पीएम मोदी के राज में जहाँ भारत आज चीन को भी पछाड़ते हुए सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है ऐसे में भारतीय सेना पीछे कैसे रह सकती है.

7 लाख से ज़्यादा आधुनिक हथियार की तत्काल खरीद को मोदी सरकार ने मंजूरी दे दी है. साथ ही जवानों के भत्तों को दोगुना कर दिया गया है. पाक सीमा पर अभी बीएसफ जवानों ने 9000 गोले दाग कर पाकिस्तान को उसकी अम्मी याद दिलाई थी. चीन सीमा पर ड्रोन से भारत कड़ी नज़र रख रहा है.

भारत अपनी सैन्य शक्ति और जांबाज जवानों के लिए जाना जाता है. भारत लगातार अपनी सैन्य ताकत को बढ़ा रहा है. आज भारत के पास कई ऐसी मिसाइलें हो गई हैं जो किसी भी दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए पर्याप्त हैं.

भारतीय सेना को लेकर आयी ज़बरदस्त रिपोर्ट, चीन के छूटे पसीने

जिसके बाद सेना ने अब 400 ड्रोन की मांग करी है. तो वहीँ अंडमान निकोबार में इस वक़्त भारतीय नौ सेना 15 देशों के साथ मिलकर ज़बरदस्त “मिलन” युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रही है. इस बीच अब भारतीय सेना को लेकर “ग्लोबल फायरपावर” की धांसू रिपोर्ट आयी है, जिसने दुनिया के दिग्गज देशों को चौंका के रख दिया है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक निया की सबसे ताकतवर 5 सेनाओं में भारतीय सेना भी शामिल हो गई है. ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग में विश्व की सबसे ताकतवर सेना की सूची में शामिल 133 देशों में भारत चौथे नंबर पर है. सैन्य शक्ति के लिहाज से भारत के आगे सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन है. चीन को बहुत जल्द भारत पछाड़ देगा. वहीं भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान इस सूची में 13वें स्थान पर है.

इस लिस्ट में सैन्य संसाधन, प्राकृतिक संसाधन, उद्योग और भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध मानव संसाधन प्रमुख हैं. सूची में देशों की परमाणु ताकत को नहीं गिना गया है लेकिन परमाणु हथियारों की क्षमता को अंक जरूर दिए गए हैं. रक्षा बजट भी इस आकलन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है.

जीएफपी की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय सैन्य क्षमता बहुत ताक़तवर बनती जा रही है. इसमें भारत ने चीन को भी पछाड़ दिया है. भारत के पास कुल 42,07,250 सैनिक हैं जबकि चीन के पास केवल 37,12,500 जवान हैं. भारत की रिजर्व बटालियन की शक्ति 28,44,750 है वहीं चीन की यह 14,52,500 है.

हालाँकि रक्षा बजट के मामले में भारत चीन के कहीं पीछे है. सूचकांक के मुताबिक भारत के रक्षा बजट से तीन गुना चीन सेना पर खर्च करता है. ग्लोबल फायरपावर की इस सूची को तैयार करने के लिए हर देश की सैन्य क्षमताओं को 50 अलग-अलग मानकों पर पर रखा जाता है.

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