जापान की आर्थिक एजेंसी ने पीएम मोदी को लेकर दी हैरान करने वाली रिपोर्ट, कांग्रेस के उड़ाए परखच्चे

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गुजरात चुनाव भी खत्म हो गए और बहुमत भी भाजपा को ही मिला. हालाँकि इस चुनाव में विपक्ष की कांग्रेस ने पूरा दम-ख़म लगाया, दलितों, OBC और पाटीदार के नेताओं को मिलाया और भरपूर हमला बोला. कांग्रेस के अर्थशास्त्रियों ने फिर से जीएसटी और नोटबंदी को देश के खिलाफ बताया और अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों के बीच भ्रम फैलाया.

लेकिन आज भी दुनिया के कोने-कोने से भारत के अर्थव्यवस्था के चर्चे सुनने को मिल रहे हैं. तो अब जापान की सबसे बड़ी और दुनिया की मशहूर आर्थिक एजेंसी ने भारत और पीएम मोदी के फैसलों पर ज़बरदस्त रिपोर्ट दी है जिससे विपक्षियों के बोलती एक बार फिर बंद होने वाली है.

जापान ने दी पीएम मोदी को लेकर बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक नया साल शुरू होने से पहले ही देश के लिए बहुत अच्छी खबर आई है. जापानी फाइनेंशियल सर्विस मेजर नोमुरा ने भारत की अर्थव्यवस्था को मज़बूत बताते हुए भरोसा जताया है. नोमुरा के हालिया रिपोर्ट के अनुसार देश की इकोनॉमी में जनवरी से मार्च तिमाही में रिकवरी की उम्मीद है. नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जीडीपी की विकास दर 2018 में करीब 7.5 फीसदी रह सकती है.

जापानी फाइनेंशियल सर्विस कंपनी नोमुरा ने अपनी सीएलआई रिपोर्ट में कहा है कि अगला साल भारत देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है. इस रिपोर्ट के मुताबिक नए नोटों को चलन में आने से और विदेशी मांग में सुधार आने की वजह से आर्थिक विकास दर सुधरेगी और साल 2018 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था ज़बरदस्त रफ्तार पकड़ेगी.

नोमुरा की रिपोर्ट के मुताबिक 2018 की दूसरी तिमाही में देश की मौद्रिक नीति समिति आक्रमक हो सकती है. आपको बता दें कि आरबीआई ने 2017-18 के लिए मुद्रास्फीति के अनुमान को बढ़ाकर 4.3-4.7 प्रतिशत कर दिया था.
इससे पहले भारत की अर्थव्यवस्था का गुणगान विदेशी आर्थिक एजेंसियां कर रही हैं.

पिछले दो महीने में भारत और मोदी सरकार के लिए एक के बाद एक खुशखबरियों की जैसे झड़ी सी लग गयी है. वर्ल्ड बैंक, IMF, वर्ल्ड इकनोमिक फोरम, बैंक ऑफ़ अमेरिका, मॉर्गन स्टैनली, मूडी, संयुक्त राष्ट्र संघ जैसे आर्थिक संगठन ज़बरदस्त रिपोर्ट दे चुके हैं.

लेकिन इसके उलट कांग्रेस पार्टी अपना खूंटा वहीँ गाड़े हुए है. कांग्रेस ने MOODY की रिपोर्ट को विदेशी फर्जी certificate कहकर नकार दिया और कहा भारत में तो आर्थिक आपातकाल चल रहा है. पी चिदंबरम, मनमोहन यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी, अससुद्दीन ओवैसी ने तो भारतीय अर्थव्यवस्था को डूबता हुआ तक बता दिया था.

इससे पहले इन सभी विदेशी आर्थिक एजेंसियों/संगठन ने दी है भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के सबूत

IMF : भारत की अर्थव्यवस्था कई विकसित देशों से भी आगे

इसके पहले अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) भारत की विकास दर में 2017-2018 तक तेजी आने की उम्मीद जता चुकी है। आईएमएफ ने 2018 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.8 फीसदी रहने की घोसना करी थी.

आश्चर्यजनक बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है भारत – विश्व बैंक

विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम यॉन्ग किम ने कहा है कि भारत काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि जापान, यूरोप और अमेरिका के साथ भारत तेज वृद्धि दर्ज कर रहा है. विश्व बैंक का कहना है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से है. वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि जीएसटी जैसे कर सुधार के परिणामस्वरूप भारत 8 प्रतिशत की विकास दर हासिल कर सकता है.

मूडीज : भारत सबसे मज़बूत और स्थिर अर्थव्यवस्था

अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग संस्था मूडीज के इंवेस्टर सर्विस सर्वे में पता चला है कि भारत की विकास दर अगले 12 से 18 महीने के दौरान 6.5 से 7.5 प्रतिशत के दायरे में रहेगी. सर्वेक्षण में 200 से ज्यादा मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि संभावना को लेकर विश्वास व्यक्त किया.मूडीज को विश्वास है कि आर्थिक वृद्धि की रफ्तार अगले 3-4 साल में बढ़कर 8 प्रतिशत के आसपास पहुंच जाएगी.

भारत 8 फीसदी दर से करेगा विकास : गोल्डमैन सैक्स

एक और बड़ी निवेश संस्था गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2018-19 में भारत 8 फीसदी की दर से विकास करेगा. इसके पीछे का मुख्य कारण होगा, बैंकों का पुनर्पूंजीकरण. गोल्डमैन का मानना है कि बैंकों के पूंजीकरण से देश के क्रेडिट डिमांड और निजी निवेश को मजबूती मिलेगी.

मॉर्गन स्टेनली: दुनिया का सबसे तेज अर्थव्यवस्था वाला देश होगा भारत

तो अभी कुछ दिन पहले ही वैश्व‍िक वित्तीय कंपनी मोर्गन स्टेनली ने कहा है कि 2018 में भारत की वृद्धि दर बेहतर स्थ‍िति में रहेगी. मोर्गन स्टेनली के मुताबिक 2018 में जीडीपी की वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहेगी. साथ ही अगले दस साल में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा.भारत की अर्थव्यवस्था 6,000 अरब डॉलर की हो जाएगी। मॉर्गन स्टेनली के अनुसार आने वाले दशक में भारत की सालाना जीडीपी वृद्धि दर 7.1 से 11.2 के बीच रहेगी.

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