नवजोत सिंह सिद्धू पर टूटा मुसीबतों का पहाड़, कोर्ट में चेहरे से हंसी हुई गायब, अब जाएगी मंत्री की कुर्सी, जेल जायेंगे अब

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नवजोत सिंह सिद्दू की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं, अभी हाल ही में सिद्धू के टैक्स न चुकाए जाने की वजह से उनके 4 बैंक खाते सीज़ कर दिए गए थे. सिद्धू कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद से लगातार राहुल गाँधी की तारीफ करने में जुटे हुए हैं लेकिन इस बार तो खुद पंजाब कांग्रेस ने ही उनकी कब्र खोदने की तैयार कर दी है.

नवजोय सिंह सिद्धू पर टूटा मुसीबतों का पहाड़, चेहरे से हंसी गायब

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को ज़ोरदार का झटका लगा है. पंजाब सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट में अपने ही मंत्री सिद्धू को 1988 में पटियाला में हुई रोडरेज की घटना में दोषी बताया है. और तो और पंजाब सरकार के वकील ने कहा कि गैर इरादतन हत्‍या के इस मामले में सिद्धू को हाई कोर्ट द्वारा दी गई सजा बरकरार रखी जाए. पंजाब सरकार ने इस मामले में शामिल नहीं होने के सिद्धू के बयान को झूठा करार दिया.

बता दें आज इस मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. पंजाब सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि 2006 में हाईकोर्ट से सिद्धू को मिली तीन साल कैद की सजा के फैसले को बरकरार रखा जाए. मामले में आरोपी के ख़िलाफ़ प्रत्‍यक्षदर्शी भी है और उस पर भरोसा किया जाना चाहिए.

बत दें कि पंजाब के मंत्री और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के ख़िलाफ़ ग़ैरइरादतन हत्या का मामला है. उनका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद सिद्धू ने सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इसी अपील पर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दलील रखी थी.

सिद्धू ने खुद माना था कि उनसे हो गयी थी गलती

इस बीच मामले में पीड़ित पक्ष गुरनाम सिंह के परिवार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। इस याचिका में कहा गया है कि सिद्धू को मिली तीन साल की सजा काफी नहीं है और इसे बढ़ाया जाना चाहिए.

सिद्धू से छीन ली जाएगी मंत्री की कुर्सी

लेकिन अब सिद्धू के खिलाफ एक और याचिका कोर्ट में दाखिल हो गयी इसलिए अब सिद्धू की मुश्किलें और ज़्यादा बढ़ गयी हैं. सिद्धू के खिलाफ एक नई याचिका में कहा गया है कि सिद्धू ने वर्ष 2010 में एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में माना था कि रोड रेज की घटना में उनकी भूमिका थी और उन्होंने यह माना था कि गुरुनाम सिंह को उन्होंने मारा था. गुरनाम सिंह के परिजनों का अारोप है कि झगड़े के दौरान सिद्धू ने गुरनाम को मुक्का मारा था आैर इससे उनकी मौत हो गई.

पंजाब सरकार के वकील द्वारा सिद्धू पर हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखने की मांग के बाद अकाली दल ने सीधे तौर पर उनसे इस्तीफा मांगा है. अकाली दल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी नवजोत सिंह सिद्धू को इस्तीफा देना ही पड़ेगा. अगली सुनवाई में अगर सुप्रीम कोर्ट पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखता है और 3 साल की सजा जारी रहती है तो ऐसी सूरत में सिद्धू को मंत्री पद से भी हाथ धोना पड़ सकता है.

तो वहीँ अब सोशल मीडिया पर सिद्धू कि बड़ी फजीहत हो रही है लोगों ने कहा “क्या फायदा हुआ इतने राहुल गाँधी की तारीफ करने का खुद कांग्रेस ने ही जेल भिजवाने का इंतज़ाम आकर दिया ना ….. अब ठोको ताली “

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