मोस्टवांटेड आतंकी को मारने के बाद मोदी ने कश्मीर के लिए लिया बड़ा फैसला, सेना चीफ भी रह गए हैरान, इस फैसले का इंतज़ार कर रहा था पूरा देश

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नई दिल्ली : भारतीय सेना को कल ही बहुत बड़ी कामयाबी मिली जब हिज़्बुल के मोस्ट वांटेड कमांडर आतंकवादी टाइगर समेत उसके दो साथियों को मार दिया गया. साथ ही एनकाउंटर में खलल डालने वाले तीन पत्थरबाजों को भी मार गिराया गया.

दरअसल आतंकवादी ने मेजर को कुछ दिन पहले अपनी मौत को खुद दावत देते हुए खुली चुनौती दी थी कि माँ का दूध पिया है तो आमने सामने आ और मेजर ने आतंकवादी को उसके गाँव में उसके घर में घुस कर गोलियों से छलनी कर दिया.

आतंकी की लाश बिछाने के बाद मोदी सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला

तो वहीँ अब बड़े कमांडर के मारे जाने के बाद सेना की नयी आतंकियों की हिट लिस्ट को सफाया करने के लिए अब मोदी सरकार ने कश्मीर घाटी के लिए बहुत बड़ा फैसला लिया है. जिसे देख अब आतंकवादी या तो दुनिया छोड़ेंगे या भारत देश.

अभी मिल रही एएनआई न्यूज़ एजेंसी की तरफ से मिल रही खबर के मुताबिक मोदी सरकार ने फैसला लिया है कि आतंकवाद के पूरी तरह खात्मे के लिए खासतौर पर प्रशिक्षित और सबसे ज़्यादा खतरनाक ब्लैक कैट कमांडो को जम्मू-कश्मीर में तैनात किया जाएगा. इससे सेना का काम और भी ज़्यादा आसान हो जाएगा.

ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी सरकार ने अपना वोटबैंक छोड़कर ब्लैक कैट कमांडो को बुलाने जैसा साहसी फैसला लिया है. वरना पिछली सरकारें तो अलगाववादियों के साथ मिल बैठ कर चाय नाश्ता करती थी वो भी उनके ही घर में. जबकि इस वक़्त आधे अलगाववादी आतंकी फंडिंग के जुर्म में जेल में सड़ रहे हैं और आधे अपने घरों में कैदी(HOUSE ARREST) की तरह रह रहे हैं.

आतंकवादियों अब छोड़ेंगे दुनिया या तो देश

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के ये कमांडो आतंकियों से मुठभेड़ और बंधकों को छुड़ाने के अभियानों में सुरक्षा बलों की मदद करेंगे. गृह मंत्रालय ब्लैक कैट कमांडो को कश्मीर घाटी में तैनात करनेके प्रस्ताव पर तेज़ी से काम कर रहा है. इस प्रस्ताव के अनुसार एनएसजी कमांडो, सेना सीआरपीएफ और राज्य पुलिसबल मिलकर आतंकियों के गढ़ में हमला बोलेंगे और चुन चुन के मार गिराएंगे.

बता दें मोदी सरकार ने ही भारतीय सेना को CASO और SADO ऑपरेशन चलाने की इज़ाज़त दी थी. 18 साल बाद सेना को इतनी बड़ी खुली छूट मिली है. दरअसल मोदी सरकार के इस फैसले से अब ब्लैक कैट कमांडो के रूप में खुद मौत बनकर आतंकियों का शिकार करने आ रही है.

मंत्रालय के एक अधिकारी ने खुद खासतौर पर प्रशिक्षित इन कमांडो की तैनाती का निर्णय आखिरी चरण में होने की पुष्टि की है. इसे साथ ही जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक एसपी वैद्य ने हाल ही में कहा था कि ब्लैक कैट कमांडो की घाटी में तैनाती की मांग को जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है.

इससे पहले ये ब्लैक कैट कमांडो ने देश के पूर्व के हिस्से में आतंकवाद को लगभग समाप्त करने बड़ी अहम् भूमिका निभाई है. यही वजह है कि कुछ हिस्सों से AFSPA हटा लिया गया है.

पूरी दुनिया की कई घातक कमांडो यूनिट में से एक

बता दें इन्ही ब्लैक कैट कमांडो की मदद से 26 / 11 हमले में आतंकवादियों को ख़त्म किया जा सका था. ये कमांडो पूरी दुनिया की कई घातक कमांडो यूनिट में से एक हैं. ये सबसे ज़्यादा घातक हथियार और सबसे ज़्यादा आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए आतंकवाद का सफाया करते हैं. हम इनके हथियार और तकनीक की सुचना आपको सुरक्षा के लहजे से नहीं देंगे वरना आतंकवादी पहले से सचेत हो जाएंगे.

कुछ वक़्त पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एलान किया था कि सरकार नई चुनौतियों के मद्देनजर एनएसजी की भूमिका को बढ़ाने पर विचार कर रही है. घाटी में बढ़ी आतंकियों से मुठभेड़ की घटनाओं के बीच सरकार ब्लैक कमांडो की तैनाती पर काम कर रही है. ब्लैक कैट कमांडो की तैनाती से आतंकी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.

बता दें कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद 1984 में एनएसजी का गठन किया गया था. ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान पंजाब के अमृतसर शहर में स्वर्ण मंदिर में छिपे आतंकवादियों का सफाया किया गया था. इस समय एनएसजी में करीब 7,500 जवान हैं.

मौत का दूसरा नाम ब्लैक कैट कमांडो

ब्लैक कैट कमांडो को मौत का दूसरा नाम भी कहा जा सकता है. ये निडर हैं, बेहद खतरनाक है ये कभी असफल नहीं होते हैं और अपनी आखिरी सांस तक अपने लक्ष्य को हासिल कर लेते हैं.

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