कौन हैं ये लड़की जिसके रिक्शा में बैठ ‘मोदी’ घुमे गली गली

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दोस्तों मोदी आज के समय में सिर्फ एक नाम नहीं हैं बल्कि ये एक ब्रांड बन चूका हैं. 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने नरेन्द्र मोदी को भारत देश चलाते हुए लगभग 4 साल हो चुके हैं. ऐसे में उनके काम को लेकर सभी लोगो की अलग अलग राय हैं.

किसी को मोदी का काम पसंद आया और वे उन्हें 2019 में भी प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं तो वहीँ किसी को मोदी से जो आशाएं थी उस पर वे खड़े नहीं उतरे. खैर आपको मोदी पसंद हो या ना हो लेकिन एक बात तो हैं मोदी की पर्सनालिटी और बातचीत का तरीका ही कुछ ऐसा हैं कि लोग उन्हें चाह कर भी नज़रअंदाज़ नहीं कर पाते हैं.

मोदी के बारे में एक चीज को लेकर कई जोक बनते हैं कि वे भारत से ज्यादा समय विदेशों की यात्रा में गुजार देते हैं. लेकिन अब ऐसा लगता हैं कि मोदी ने अपने देश की भी यात्रा करने की ठान ली हैं. अब हाल ही में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की 127वीं जयंती थी. इस जयंती में मौके पर मोदी ने सीधा छतीसगढ़ के बीजापुर का रुख किया. शनिवार के दिन मोदी यहाँ पहुचे तो सरकार की आयुष्मान योजना की शुरुआत हुई.

इस मौके पर पीएम मोदी सविता साहू नाम की महिला के ई-रिक्शे की सवारी भी करते नज़र आए. अपनी इस शानदार ई – रिक्शे की सवारी की बात मोदी ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर भी शेयर की. मोदी ने लिखा कि “आज मुझे सविता साहू जी के ई – रिक्शे की सवारी करने का मौका मिला.

मुझ पता चला कि सविता जी ने अपने पति को नक्सली – माओवादी हमले में खो दिया था. हालाँकि इसके बाद वे महिला सश्कितकारण के रास्ते पर गई, जिसमे सरकार ने भी उनकी मदद की. अब सविता जी एक इज्जत भरा और सम्मानीय जीवन जी रही हैं.

साथ ही मोदी जी ने सविता की कहानी से प्रेरणा लेते हुए राज्य के नक्सलियों को हिंसा त्यागने की सलाह दी. साथ ही मोदी ने कहा कि सरकार उन लोगो की सुरक्षा के अधिकार का ख्याल रखेगी. बताते चले कि सविता साहू नाम की ये महिला छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके क्षेत्र दंतेवाडाजिले में ई – रिक्शा चलाती हैं. पीएम ने अपने रेडियो प्रोग्राम मन की बात में भी सविता साहू के बारे में बात करी थी.

सविता पीएम मोदी से पहली बार 11 अक्टूबर को दिल्ली में एक प्रदर्शनी में मिली थी. दरअसल यहाँ नानाजी देशमुख की जन्मशती पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था. इस प्रदर्शनी के स्टाल में सविता साहू और कुंती यादव पहुंची थी. इन दोनों ने पीएम मोदी को अपनी कहानी सुनाई थी.

सविता साहू के ई-रिक्शे की सवारी करने के अलावा ‘आयुष्मान भारत’ योजना के मंच पर मोदी ने एक आदिवासी महिला को चप्पल भी भेंट की. दरअसल चरण – पादुका योजना के तहत पीएम ने अपने हाथों से ये चप्पल आदिवासी महिला को पहनाई. इस योजना के तहत तेंदूपत्ता जमा करने वाले हर शख्स को चप्पल मुहैया कराई जाएगी.

वैसे आप लोगो का मोदी की इस जमीन से जुड़ी यात्रा के बारे में क्या कहना हैं? क्या आप लोग मोदी के काम से संतुष्ट हैं? क्या मोदी को अगली बार भी देश का पीएम बनना चाहिए? अपने जवाब कमेन्ट स्केशन में जरूर दीजिएगा.

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