आज़ादी के बाद पहली बार मोदी सरकार ने उठाया ऐतिहासिक कदम, खजाने में आएंगे 100000 करोड़ रूपए, सोती रही कांग्रेस

0
355

अभी तक पिछली सरकारों में सरकारी खजाने के लुटने, या करोड़ों लाखों के घोटालों की ही खबरें आती थी. लेकिन अब आज़ादी के बाद मोदी सरकार में पहली बार ऐसा ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है जिससे सरकारी ख़ज़ाने में करीब 1 00,000 करोड़ रूपए की बड़ी धनराशि आने वाली. इसके लिए मोदी सरकार ने सबसे पहले 49 साल पुराने उस कानून में बदलाव किया जिसकी वजह से ये बड़े काम करने में रुकावट आ रही थी.

मोदी सरकार ने उठाया ऐतिहासिक कदम, सरकारी खजाने में होगी धनवर्षा

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक मोदी सरकार देशभर में करीब एक लाख करोड़ रुपए की शत्रु संपत्ति की नीलामी करने की तैयारी कर रही है. आपको बता दें कि पूरे भारत में कुल 9,400 शत्रुओं की 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक कीमत की संपत्तियां हैं. गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार मंत्रालय ने ऐसी सभी संपत्तियों की पहचान करना शुरू कर दिया है.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि हमनें कुछ समय पहले ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह को बताया था कि 6,289 शत्रु संपत्तियों का सर्वे कर लिया गया है और बाकी 2,991 संपत्तियों का सर्वे किया जा रहा है. गृह मंत्री ने तभी आदेश दिया था कि ऐसी संपत्तियां जिनमें कोई बसा नहीं है, उन्हें जल्दी खाली करा लिया जाए ताकि उनकी बोली लगवाई जा सके.

शत्रु संपत्ति पर कब्ज़ा करेगी सरकार

पहले हम आपको समझते हैं कि शत्रु संपत्ति होती क्या है. जब देश का विभाजन हुआ तो हज़ारों लोग कुछ पाकिस्तान में बस गए तो कुछ चीन में बस गए. लेकिन देश में अब तक इनकी संपत्ति बिना वजह मौजूद है और जगह घेर रही है. इसी संपत्ति को शत्रु संपत्ति कहते हैं.

पिछली कांग्रेस सरकार ऐसे मुद्दे पर आखें बंद करे बैठी रही. लेकिन मोदी सरकार ने फटाफट 49 साल पुराने शत्रु संपत्ति अधिनियम में संशोधन किया और अब कार्रवाई होने जा रही है. नए कानून के मुताबिक विभाजन के दौरान या उसके बाद पाकिस्तान और चीन जाकर बसने वाले लोगों की संपत्तियों पर उनके वारिस का अधिकार नहीं रहता.लिहाजा यह संपत्ति सरकार के कब्जे में आ जाएगी.

जिन्ना हाउस पर होगा अब सरकार का अधिकार, पाकिस्तान बेच चुका है भारतियों की संपत्ति

आपको जानकार बेहद हैरानी होगी कि पाकिस्तान में भी इस तरह की संपत्तियों थी जो भारतीयों की थी, उन्हें पाकिस्तान बहुत साल पहले ही बेच कर खा चुका है. लेकिन हमारे देश में लचर सरकार और कानून व्यवस्था के कारण शत्रु संपत्ति पर कोई एक्शन नहीं लिया गया.

जैसे की दक्षिण मुंबई में मलबार हिल स्थित जिन्ना हाउस, जिन्ना हाउस को देश के विभाजन के षड़यंत्र का प्रतीक बताते हुए बीजेपी विधायक लोढ़ा ने सरकार से इसका कब्जा लेकर वहां पर कला व संस्कृति केंद्र शुरू करने की मांग करी थी.

इससे पहले पाकिस्तान ने मुंबई स्थित जिन्नाह हाउस को अपनी संपत्ति बताया था और भारत से कहा था कि भारत सरकार उसकी इज्जत करे और हमें उसी सौंप दे.आपको बता दे जिन्ना हाउस में ही भारत विभाजन की नीव रखी गयी थी. पिछली सरकारों ने जिन्ना हाउस की रखवाली के लिए लाखों रूपए खर्च करवा दिए. लेकिन अब वो भारत सरकार की संपत्ति है.

आपको जानकार बेहद हैरानगी होगी कि पाकिस्तान जाकर बसने वाले लोगों की भारत में कुल 9,280 संपत्ति हैं जिसमें से उत्तर प्रदेश का हिस्सा सबसे अधिक है. अकेले उत्तर प्रदेश में ही कुल 4,991 शत्रु की संपत्ति हैं, पश्चिम बंगाल में ऐसी 2,735 और राजधानी दिल्ली में ऐसी 487 संपत्तियां हैं.

इनमें से कुल 126 संपत्तियां ऐसी हैं जिन्होंने चीन की नागरिकता ले ली थी. चीन के नागरिकों से जुड़ी सबसे अधिक शत्रु संपत्तियां मेघायल में हैं, मेघायल में 57 शत्रु संपत्तियां हैं जबकि 29 पश्चिम बंगाल में हैं. असम में ऐसी 7 समपत्ति हैं.

ये विडियो देखें :

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here