चुनाव जीतते ही मोदी सरकार ने किया पेट्रोल समस्या का पूरा समाधान, ले डाला ये ऐतिहासिक फैसला, विपक्ष सन्न

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आम जनता पेट्रोल की कीमत से परेशान है, तो अब पेट्रोल की समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशन का निर्माण करने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव के तहत सरकार 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में प्रत्येक तीन किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन बनाएगी। ऐसे ही स्टेशन स्मार्ट सिटीज में भी लगेंगे।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी होगी व्यवस्था

प्रस्ताव के मुताबिक प्रत्येक राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी हर 50 किलोमीटर की दूरी पर ऐसे स्टेशन बनाए जाएंगे। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूरे देश में करीब 30 हजार स्लो चार्जिंग व 15 हजार फास्ट चार्जिंग स्टेशन की जरुरत पड़ेगी। यह चार्जिंग स्टेशन अगले 3 से 5 सालों में चरणबद्ध तरीके से लगाए जाएंगे।

जमीन का होगा अधिग्रहण

इन चार्जिंग स्टेशन को बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण नगर निगम और नगर पालिका करेगी। वहीं बिजली कंपनियां के द्वारा यह पर बिजली की सप्लाई की जाएगी। इसके बाद इन स्टेशन को उन कंपनियों को लांग टर्म लीज पर दिया जाएगा, जो कि इस सुविधा को चलाएंगी।

यह कंपनियां करेंगी चार्जिंग स्टेशन का निर्माण

केंद्र सरकार ने सरकारी कंपनियों जैसे कि एनटीपीसी, पावरग्रिड कॉर्पोरेशन और इंडियन ऑयल को यह चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए कह दिया है। इनमे से एनटीपीसी महाराष्ट्र के कई शहरों में और पावरग्रिड हैदराबाद में इनका निर्माण करने में जुट गई है। वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, ओला और उबर भी इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए सरकार के प्रस्ताव पर विचार कर रही हैं।

ऐप आधारित कैब सेवा प्रदाता कंपनी ओला ने अपने ‘मिशन इलेक्ट्रिक’ कार्यक्रम के तहत अगले 12 महीनों में अपने बेड़े में 10,000 इलेक्ट्रिक वाहन शामिल करने की योजना बनाई है, जिनमें अधिकांश ई-रिक्शा होंगे। कंपनी का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक वाहन पारितंत्र को बढ़ावा देने के लिए साल 2021 तक अपने बेड़े में 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करना है।

ओला के सह-संस्थापक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भाविश अग्रवाल ने बताया कि तीन पहिया वाहन परिवहन का एक महत्वपूर्ण साधन है और रोजाना लाखों लोगों की रोजी-रोटी की जरिया भी। यह शहरों में प्रदूषण में कमी लाते हुए सभी हितधारकों की आर्थिक हालत में सुधार के तत्काल अवसर का प्रतिनिधित्व करता है। पिछले साल मई में ओला ने नागपुर में अपनी पहली इलेक्ट्रिक वाहन परियोजना शुरू की थी।

इस परियोजना में इलेक्ट्रिक कैब, इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा, इलेक्ट्रिक बसें, रूफटॉप सोलर इंस्टालेशन, चार्जिंग स्टेशन तथा बैट्री अदला-बदली परीक्षण शामिल हैं। अग्रवाल ने कहा कि 40 लाख से अधिक ‘इलेक्ट्रिक’ किलोमीटर की यात्रा तथा कई सबक सीखने के बाद हम भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का उल्लेखनीय विस्तार कर रहे हैं।

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