बंगाल दंगों पर मोदी सरकार का एक्शन हुआ शुरू, ममता की जान आयी आफत में, जिहादियों में हड़कंप..

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बंगाल की हालत आज दयनीय हो चुकी है. जेहादी दीदी के नाम से मशहूर ममता बनर्जी ने जुल्मों की अति पार की हुई है. बंगाल में रामनवमी के जुलूस के दौरान शुरू हुई साम्प्रदायिक हिंसा आज चौथे दिन भी जारी है. चारों और त्राहि-त्राहि मची हुई है. तुष्टिकरण में ममता इस कदर अंधी हो चुकी है कि राज्य में हिन्दुओं का जीना तक मुहाल हो चुका है. अब खबर आ रही है कि मोदी सरकार ने ममता के खिलाफ एक्शन लेने का मन बना लिया है.

पश्चिम बंगाल हिंसा को लेकर हरकत में केंद्र सरकार

बता दें कि हिंसा में अबतक 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 मीडिया कर्मियों समेत दर्जनों पुलिसकर्मी भी घायल हो चुके हैं. ममता की शरण में जेहादियों की हिम्मत इतनी बढ़ गयी है कि वो पुलिस तक पर हमले कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि कोलकाता के भांट पाड़ा में जिहादियों ने मौलाना अब्दुल कलाम आजाद का मूर्ति भी तोड़ दी है.

कोलकाता का भांटपाड़ा, कांकिनाड़ा, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया, फिर रानीगंज और अब आसनसोल में भी हिंसा की खबर सामने आई हैं. दंगों के लेकर केंद्र सरकार गंभीर हो गयी है और ममता सरकार से रिपोर्ट तलब की गयी है. दंगे क्यों हुए, ममता सरकार ने दंगे रोकने के लिए क्या किया? दंगों से बचने के लिए ममता सरकार ने पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किये? राज्य में पैरामिलिट्री फोर्स लगाने का विचार भी किया जा रहा है.

ममता राज में खुले घूम रहे जिहादी

गौरतलब है कि राम नवमी के अवसर पर पश्चिम बंगाल के रानीगंज इलाके में जिहादियों ने हिन्दुओं पर हमला कर दिया था. बताया जा रहा है कि पाक परस्त जिहादियों को ममता सरकार का पूर्ण समर्थन भी मिला हुआ है, जिसके चलते पुलिस को आदेश दिए गए थे कि चाहे जिहादी कितनी ही गोलियां चलाएं या कितने ही बम क्यों ना फोड़ लें मगर उनपर फायरिंग ना की जाए.

मंगलवार को आईपीएस असोसिएशन ने ट्वीट करके जानकारी दी कि, पश्चिम बंगाल में सोमवार को हुई हिंसा में आसनसोल-दुर्गापुर डीसीपी और आईपीएस अधिकारी आरिंदम दत्ता चौधरी पर जिहादियों ने बम फेका, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गए. इस घटना में आरिंदम ने अपना एक हाथ भी गंवा दिया.

बहरहाल राज्य के हालात काफी खराब हो चुके हैं. ममता सरकार ने बड़े पैमाने पर अवैध बांग्लादेशियों व् रोहिंग्याओं को बंगाल में घुसाया हुआ है और वोटबैंक की खातिर उन्हें राज्य के अलग-अलग इलाकों में बसाया गया है. बंगाल में साम्प्रदायिक दंगे होना अब एक आम सी बात बनता जा रहा है. हर कुछ महीनों में यहाँ दंगे हो जाते हैं, जिहादी मौत का नंगा खेल खेलते हैं और आराम से चले जाते हैं, उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता.

दुर्गा पूजा हो या राम नवमी, हर त्यौहार पर जिहादी दंगे करते हैं और ममता हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहती है. मीडिया में भी बंगाल के दंगों की ख़बरों को दबाने की पूरी कोशिश की जाती है, ताकि आम जनता तक सच कभी पहुंच ही ना सके.

ये विडियो देखें :

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