मोदी सरकार का दिल्ली,हरियाणा,यूपी की जनता को सबसे जबरदस्त तोहफा, केजरीवाल भी हो गए नतमस्तक

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नई दिल्ली : देश में विकास की बयार बह रही है, पीएम मोदी ने देश की दिशा व् दशा बदलने के लिए बड़े स्तर पर मुहिम छेड़ी हुई है. वामपंथियों व् देश के गद्दारों के मुँह पर तमाचा लगाते हुए मोदी सरकार ने बड़ी कामयाबी हासिल की है, जिससे दिल्ली से लेकर हरियाणा और यूपी तक की जनता में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी है.

आधे वक़्त में पूरा हुआ देश का सबसे तेज एक्सप्रेसवे का काम

दिल्ली को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए मोदी सरकार द्वारा बनाया जा रहा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे 500 दिनों के रेकॉर्ड वक्त में बनकर तैयार होने वाला है. नैशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के एक अधिकारी के मुताबिक सरकार ने इसके निर्माण के लिए 910 दिनों का वक्त तय किया था, लेकिन अब यह उससे आधे वक्त में ही बनकर तैयार होने वाला है.

इसी महीने के अंत में पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. 135 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पलवल, गाजियाबाद और नोएडा को सीधे तौर पर जोड़ेगा. इससे हरियाणा से यूपी और यूपी से हरियाणा जानेवाले वाहनों को दिल्ली से होकर नहीं गुजरना होगा.

ना केवल इससे दिल्ली की जनता को प्रदूषण से निजात मिलेगी बल्कि वाहनों को भी ट्रैफिक की समस्या का सामना नहीं करना पडेगा. 11000 करोड़ रुपयों की लागत से बने इसे देश का सबसे तेज एक्सप्रेसवे कहा जा रहा है क्योंकि यहां वाहनों को 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने की अनुमति होगी.

प्रदूषण की समस्या से मिलेगी निजात

दरअसल दिल्ली व् इसके आसपास के इलाके पिछले काफी वक़्त से वायु प्रदूषण की समस्या झेल रहे हैं. इसे रोकने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ऑड-इवन योजना की शुरुआत भी की थी, मगर वो बुरी तरह से असफल हो गयी. वहीँ सुप्रीम कोर्ट ने तो दिवाली पर पटाखों की बिक्री पर ही रोक लगा दी, जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ा. मगर मोदी सरकार ने इसकी रोकथाम के लिए ऐसा शानदार कदम उठाया है.

इसके चलते सफर का समय कम होगा और दिल्ली में वाहनों के चलते होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी. एनएचआई के चीफ जनरल इंजिनियर बीएस सिंगला ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे की खासियत यह होगी कि इसमें आपको सिर्फ उतना ही टोल चुकाना होगा, जितनी दूरी का सफर आप तय करेंगे. यही नहीं, इस पर टोल कलेक्शन की इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था होगी ताकि ट्रैफिक का मूवमेंट बाधित न हो.

ओवरलोड वाहनों को नहीं मिलेगी एंट्री

सिंगला ने कहा, ‘इसके अलावा हमने एक्सप्रेसवे के सभी एंट्री पॉइंट्स पर ऐसे सेंसर लगाए हैं, जिनसे किसी भी ओवरलोडेड वाहन के बारे में पता चल सकेगा और उन्हें एक्सप्रेसवे पर एंट्री नहीं मिलेगी.’ आमतौर पर टोल प्लाजा पर इस तरह के सेंसर लगाए जाते हैं और वाहनों के ओवरलोड पाए जाने पर उन्हें वापस कर दिया जाता है लेकिन, इस एक्सप्रेसवे में एंट्री पॉइंट्स पर ही ऐसे सेंसर होंगे ताकि ओवरलोड वाहन एंट्री ही न कर सकें.

ओवरस्पीड पर कटेगा इलेक्ट्रॉनिक चालान, टोल के साथ जुड़ेगा

सिंगला ने कहा, ‘हमने एक्सप्रेसवे के पास पार्किंग की सुविधा भी दी है ताकि ओवरलोडेड ट्रक वहां पर अपना सामान उतार सकें और फिर निश्चित वजन के साथ ही आगे का सफर तय करें. यह देश में अपनी तरह का पहला प्रयोग है.’ अधिकारी ने कहा कि वाहनों की गति को नियंत्रित रखने के लिए हर दो किलोमीटर की दूरी पर कैमरे लगाए गए हैं.

सिंगला ने कहा, ‘गति सीमा से अधिक तेजी से चलने वाले वाहनों का इलेक्ट्रॉनिक चालान काटा जाएगा और वह लोगों को टोल के साथ ही जोड़कर भेजा जाएगा. ओवरस्पीड चलने वाले लोगों पर इससे लगाम कसी जा सकेगी.’

इस हाइवे के जरिए दिल्ली की सड़कों की हालत पूरी तरह बदल जायेगी, हवा भी साफ़ रहेगी. मोदी सरकार के इस प्रोजेक्ट की सफलता के चर्चे देश-विदेश में जोरशोर से लिए जा रहे हैं. वहीँ आम जनता ने भी इस प्रोजेक्ट को लेकर अपनी ख़ुशी प्रकट करते हुए पीएम मोदी व् नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया है.

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