नमाज पढ़ने वालो पर मोदी सरकार ने सुना डाला ये हाहाकारी फरमान, मुस्लिम संगठनों की हालत खराब

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नई दिल्ली : गुरुग्राम में खुले में जुमे की नमाज़ पढ़ने को लेकर विवाद चल रहा है. हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं के द्वारा नमाज़ में खलल डालने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने कार्यवाही की थी. मगर अब हरियाणा के सीएम खट्टर ने इसपर स्टैंड लिया है, जिसे देख मुस्लिम संगठन हैरान हैं, क्युकी आज से पहले ऐसा सख्त स्टैंड किसी ने नहीं लिया.

खुले में नमाज पढ़ना होगा बंद

दरअसल आजादी के बाद से लगातार एक ख़ास वर्ग का तुष्टिकरण किया गया. उनकी जायज-नाजायज सभी तरह की मांगों के आगे कांग्रेस ने सर झुकाया. मगर अब वक़्त बदल गया है. सड़कों पर नमाज पढ़ना अब हरियाणा में मुश्किल हो गया है. रास्ता रोक कर सड़कों पर व् अन्य सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ना अब बंद होगा.

पिछले शुक्रवार को लगभग दस जगहों पर हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मुसलमानों को नमाज़ पढ़ने से रोका है, जिसके बाद शासन प्रशासन को हालात को तनाव पूर्ण होने से बचाने के लिये कड़ी मेहनत करनी पड़ी. अब इस मुद्दे पर राजनीति भी होना शुरू हो गई है.

इन संगठनों का आरोप है कि कुछ लोग जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं. पहले कुछ जिहादी प्रवृत्ति के लोग इन स्थानों पर नमाज पढ़ना शुरू कर देते हैं, फिर धीरे-धीरे अवैध निर्माण शुरू कर दिया जाता है और कुछ ही वक़्त में पूरी जगह पर ये लोग कब्जा कर लेते हैं. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि नमाजियों को गुड़गांव में सड़क किनारे, पार्कों और खाली सरकारी जमीनों पर नमाज अदा करने की इजाजत नहीं है.

खट्टर ने सुनाई खरी-खरी

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पढ़ रहे लोगों को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा भगाने के मामले में चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि नमाज सार्वजनिक जगहों पर नहीं बल्कि मस्जिद या ईदगाह में पढ़ी जानी चाहिए. खट्टर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था को बनाए रखना सरकार का काम है. खुले में नमाज की घटनाएं आजकल बढ़ी हैं.

नमाज मस्जिद या ईदगाह में पढ़ी जानी चाहिए, बजाय कि सार्वजनिक स्थलों के. खट्टर कल से अपने विदेशी दौरे पर इज़राईल और यूके जा रहे हैं. उन्होंने इसी की जानकारी देने के लिए प्रेसवार्ता बुलाई थी, जिसमें पत्रकारों ने उनसे गुरुग्राम की घटना का जिक्र करते हुए सवाल पूछे थे. पिछले कुछ वक़्त से देश में जिहादी घटनाएं बढ़ने लगी हैं, नमाज पढ़ने के नाम पर सार्वजनिक जगहों पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होने लगे हैं. जिससे आम जनता को तकलीफ होती है.

बता दें कि मुस्लिम देशों, खासतौर पर सऊदी अरब, दुबई जैसे देशों में खुले में नमाज पढ़ना गैर कानूनी माना जाता है और ऐसा करने पर इन देशों में सजा का प्रावधान भी है. इसके बावजूद इस्लाम के नाम पर कई ऐसी भड़काऊ हरकतें जिहादी तत्वों द्वारा की जा रही है, जिसे देखते हुए सीएम खट्टर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और सख्त सन्देश दिया है.

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