ऐसा सिर्फ मोदी सरकार ही कर सकती है ! देखिये

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केंद्र में जबसे बीजेपी की सरकार आई है तभी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश के हित में कई बड़े फैसले लिए हैं. भारत-पाक सीमा पर आये दिन पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों की घुसपैठ के मामले में सामने आते रहते हैं. इसी के साथ केंद्र सरकार ने देश में घुस रहे रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर भी कई फैसले लिए.

बांग्लादेश से घुसपैठ कर रहे रोहिंग्‍या शरणार्थियों को भी आतंकी गतिविधियों में देखा गया, जिसके बाद मोदी सरकार ने सभी रोहिंग्याओं को देश से बाहर निकालने और शरण ना देने का आदेश दिया था.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश के कई हिस्सों में घुसे रोहिंग्या मुस्लिमों ने भारत की नागरिकता तक ले रखी थी. अब रोहिंग्याओं को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो कहा है उसे जानने के बाद कईयों के होश उड़ सकते हैं. केंद्र सरकार ने कहा है कि सीमाओं की सुरक्षा करना सरकार के लिए जरुरी काम में आता है.

कोर्ट सरकार को यह आदेश नहीं दे सकता कि विदेशियों को भारत के अंदर आने दो. बता दें सरकार ने यह बात रोहिंग्या मुसलमानों को वापस न भेजे जाने और उन्हें चिकित्सा आदि सुविधाओं के साथ परिचय पत्र दिए जाने की मांग का विरोध करते हुए कही हैं.

गौरतलब है कि कोर्ट इस मामले में 19 मार्च को सुनवाई करने जा रहा है. बता दें रोहिंग्या मुसलमानों की सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लंबित है जिसमें लिखा गया है कि उन्हें म्यामार वापस ना भेजे जाने के साथ मूलभूत सुविधाएँ मुहैया कराए जाने की मांग की गयी है.

इसी के साथ इस अर्जी में सीमा सुरक्षा बल BSF पर भारत में घुस रहे रोहिंग्याओं पर अमानवीय व्यवहार और मिर्च पाउडर फेंके जाने का आरोप भी लगाया है. गृह मंत्रालय ने इस अर्जी को के जवाब में हलफनामे में कहा है कि भारत पड़ोसी देशों के साथ लगी विस्तृत जगह और कई जगह खुली सीमा के कारण घुसपैठ की समस्या से पहले ही जूझ रहा है. ये समस्या देश में फैलते आतंकवाद का मूल कारण बन चुकी है.

इसी के साथ केंद्र सरकार ने कहा है कि आतंकवाद ने देश में हजारों निर्दोष नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की जान ली है. सरकार ने आगे कहा है कि किसी भी सर्वभौम राष्ट्र की सुरक्षा करना सरकार का दायित्व बनता है. सरकार ने हलफनामा देते हुए कहा है कि केंद्र या राज्य सरकारों को जिनकी सीमाएं अन्य देशों से जुड़ी हुई हैं उन्हें ये निर्देश नहीं दे सकता कि वे विदेशियों को भारत में आने दे.

सरकार ने आगे कहा कि पासपोर्ट कानून नियम के अनुसार-भारत में प्रवेश करने वाले प्रत्येक विदेशी के पास पासपोर्ट और यात्रा के पहचान दस्तावेज होने आवश्यक हैं. भारतीय जवान और अन्य एजेंसियां कानून के अनुसार राष्ट्र और जनहित में ध्यान देते हुए कार्रवाई करती हैं

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