2019 चुनाव से पहले मोदी का प्राइवेट नौकरी करने वालों को सबसे शानदार तोहफा, ख़ुशी से झूम उठे लोग..

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देश के विकास के लिए रात-दिन एक किये पीएम मोदी की पूरी कोशिश रही है कि देश के सभी वर्गों का सामान रूप से विकास किया जाए. सरकारी कर्मचारियों के वेतन-भत्ते के बढ़ने और पे कमीशन की खबर तो अक्सर आती रही है लेकिन अब मोदी सरकार ने जो फैसला लिया है, उससे प्राइवेट नौकरी करने वालों को जबरदस्त फायदा होने जा रहा है.

प्राइवेट सेक्टर वालों को जबरदस्त फायदा

काफी वक़्त से मोदी सरकार प्राइवेट नौकरियाँ कर रहे लोगों को भी 20 लाख रुपये तक टैक्स फ्री ग्रेच्युटी देने पर विचार कर रही थी. जानकारी के मुताबिक़ मोदी सरकार ने अब अपना वादा पूरा किया है.

लोकसभा में ग्रेच्युटी भुगतान संशोधन विधेयक 2017 पास हो गया है. अब प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे लोगों को 20 लाख रुपए तक टैक्स फ्री ग्रेच्‍युटी मिलेगी. केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पहले ही 20 लाख रुपए तक टैक्‍स फ्री ग्रेच्‍युटी का प्रावधान है, मगर अब से यही फायदा प्राइवेट नौकरी करने वालों को भी मिलेगा.

प्राइवेट कर्मचारियों को 20 लाख तक टैक्स फ्री ग्रेच्‍युटी

आपको बता दें कि पेमेंट ऑफ ग्रेच्‍युटी बिल के तहत प्राइवेट नौकरी करने वालों को अधिकतम 10 लाख रुपए मिला करते थे, यानी यदि आप 10 लाख से ज्यादा की ग्रेच्युटी के हकदार है तब भी कंपनी की ओर से केवल 10 लाख रुपये ही दिए जाते थे. मगर अब इसे बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है.

सबसे ख़ास बात ये है कि अब तक केंद्र, राज्य सरकार और स्थानीय निकायों के तहत आने वाले सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी पूरी तरह से टैक्स फ्री होती हैं. मगर अब सरकारी कर्मियों की ही तरह प्राइवेट कर्मियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी राशि पूरी तरह से टैक्स फ्री होगी.

महिलाओं के लिए भी बड़ा फैसला

अन्‍य बातों के अलावा इस बिल में यह प्रावधान भी किया गया है कि केंद्र सरकार मैटरनिटी लीव (मातृत्‍व अवकाश) की अवधि अधिसूचित कर सकती है और यह अवकाश ग्रेच्‍युटी की गणना के लिए सेवा की निरंतरता मानी जाएगी. 1961 एक्‍ट के अनुसार, मातृत्‍व अवकाश की अधिकतम अवधि 12 हफ्ते थी, जिसे मैटरनिटी बेनीफिट अमेंडमेंट एक्‍ट 2017 के अनुसार बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया गया है, यानी महिलाओं का भी फायदा.

मोदी सरकार का मानना है कि सारे फायदे केवल सरकारी कर्मचारियों को ही क्यों मिले? काम तो प्राइवेट सेक्टर के लोग भी करते हैं, देश के विकास में उनका भी उतना ही योगदान है जितना कि सरकारी कर्मचारियों का है. तो फिर क्यों केवल सरकारी कर्मचारियों को फायदे मिलें?

हाल ही में श्रम मंत्रालय की एक बैठक में इस विषय पर चर्चा की गयी थी और इस पर सहमति बनी थी. श्रममंत्री बंडारू दत्तात्रेय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में फैसला लिया गया था कि संसद में ऐसा विधेयक लाया जाए कि जब भी केंद्रीय कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की राशि बढ़ाई जाए तो प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की ग्रेच्युटी भी अपने आप ही बढ़ जाए.

अब इस बिल के पास हो जाने से प्राइवेट कर्मचारियों का काफी फायदा तो होगा ही, साथ ही 2019 लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को भी काफी फायदा मिलेगा. लोगों ने इस फैसले को लेकर ख़ुशी जताई है और पीएम मोदी को धन्यवाद दिया है.

ये विडियो देखें :

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