आतंकियों की लाशे बिछाने वाले जवानों को मोदी ने दिया शानदार तोहफा,सेना चीफ हुए खुश, कोंग्रस के उड़े होश

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नई दिल्ली : भारतीय सेना को लेकर मोदी सरकार एक के बाद एक ज़बरदस्त कदम उठा रही है, जो मांग सेना ने 13 साल 15 साल से कर रही थी वो अब जाकर पूरी होने लगी हैं. कांग्रेस ने सेना के नाम पर सिर्फ घोटाले किये, जिस वजह से आतंकियों के पास भी सेना से ज़्यादा आधुनिक हथियार पाए जाते थे. लेकिन मोदी सरकार में तेज़ी से बड़े फैसले लिए जा रहे हैं.

अभी कुछ महीनों पहले ही सवा लाख से ज़्यादा आधुनिक तकनीक से लैस और घातक राइफल सेना को मिलने की प्रक्रिया शरू हुई, उससे पहले जवानों को मिलने वाले भत्ते को दोगुना कर दिया गया. तो वहीँ अब एक बार फिर सेना के लिए बेहद शानदार कदम उठाया है.

मोदी सरकार ने सेना के जवानों के लिए उठाया शानदार कदम

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को सेना के जवानों के लिए 1.86 लाख बुलेट प्रूफ का ऑर्डर दिया है. इससे पहले बुलेट प्रूफ वाहन सेना को दिए गए थे. सबसे बड़ी बात जो है वो ये कि ये बुलेटप्रूफ जैकेट स्वदेशी होंगी और इनपर 639 करोड़ का खर्च किया जायेगा.

पूरा किया सेना की सबसे बड़ी मांग को

इस शानदार फैसले के साथ ही पिछले दस सालों से चला आ रहा सेना का इंतज़ार सेना का लंबा इंतजार खत्म हो गया है. खासतौर पर सीमा पर तैनात जवानों और आतंकियों के खिलाफ अभियान में शामिल होने वाले जवानों को ये बुलेटप्रूफ जैकेट दिए जाएंगे.

सेना कांग्रेस से मांगती रही लेकिन घोटालों के अलावा कुछ नहीं दिया

सेना ने इन बुलेटप्रूफ जैकेट की मांग 16 अक्टूबर 2009 को कांग्रेस सरकार से करी थी. जिसके बाद रक्षा मंत्रालय ने सेना के जवानों के लिए एक लाख 86 हजार एक सौ अड़तीस बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदने को लेकर अपनी स्वीकृति दी थी. लेकिन कांग्रेस के अनेकों घपलों की वजह से सेना इन बुलेट प्रूफ जैकेट्स को हासिल नहीं कर पाई.

आपको जानकर हरंगी होगी जितनी भी बुलेटप्रूफ जैकेट सेना को दी गयी जब उनका 2015 में टेस्ट किया गया तो वे सब फेल निकली. आज अगर कोई जवान शहीद होता है तो विपक्ष की कांग्रेस सबसे पहले बवाल मचाती है लेकिन अगर अपने दस साल के शासन में सेना को बुलेट प्रूफ जैकेट दे दी होती तो आज हमारे इतने सारे जवान शहीद न हुए होते.

इसके बाद 2016 में आपातकाल की स्थिति को देखते हुए मोदी सरकार ने तुरंत 50 हज़ार जैकेट खरीदे जो सेना को दिए जा चुके हैं.नए बुलेट प्रूफ जैकेट्स का निर्माण रक्षा उपकरण मैन्युफैक्चरर एसएमपीपी प्राइवेट लिमिटेड करेगी, जिसके सैंपल टीबीआरएल चंडीगढ़ में ट्रायल के दौरान सही पाए गए हैं. एसएमपीपी ने दो टॉप बुलेट प्रूफ मैन्युफैक्चर्स को पछाड़ा है.

ये बुलेट प्रूफ जैकेट्स जवानों को 360 डिग्री की सुरक्षा प्रदान करते हैं. साथ ही गले और ग्रोइन को भी सुरक्षा कवर प्रदान करते हैं. हर जैकेट का वजन लगभग 10 किलोग्राम होता है. किस गोली को ये कैसे रोकेगी ये हम आपको सुरक्षा के लिहाज़ से नहीं बता पाएंगे हालाँकि टीवी मीडिया खुल के ये सब गोपनीय बातें बता रहा है.

एसएमपीपी के सीएमडी एससी कंसल ने कहा “ये जैकेट जो हम इस बार सेना को देंगे वो सबसे आधुनिक तकनीक से लैस है गोली जवानों के शरीर को छु भी नहीं पायेगी और जवान दुश्मन का काम तमाम कर देगा”

एसएमपीपी अगले कुछ महीनों में ही जैकेट्स की डिलिवरी शुरू कर देगी और तीन साल के भीतर इस ऑर्डर को पूरा करेगी. एसएमपीपी के सीएमडी डॉक्टर एससी कंसल ने एक रिलीज में कहा कि नए जैकेट्स भारतीय आर्मी के जीएसक्यूआर 1438 मानक वाले होंगे.

हालांकि भारतीय सेना को कम से कम 3,53,465 बुलेट प्रूफ जैकेट्स की जरूरत है, रक्षा मंत्रालय के नए ऑर्डर से आर्मी की कुछ जरूरतें तो पूरी होंगी और अन्य जैकेट की खरीद भी जल्द मंजूरी मिल जाएगी.

कांग्रेस ने सेना को बेचारा बना दिया था. सर से लेकर पैर तक सेना में आधुनिक बदलाव की ज़रूरत थी. न सेना के पास आधुनिक हथियार, न आधुनिक तकनीक, न आधुनिक ड्रोन, न आधुनिक गोला बारूद, न ही बुलेटप्रूफ वहां, न हेलमेट न जैकेट न ही अच्छा पैसा. लेकिन अब तेज़ी से हर चीज़ सेना की आधुनिक मिल रही है. अभी कुछ दिन पहले ही पुरानी जिप्सी की जगह TATA सफारी स्टॉर्म की दमदार गाड़ियां सेना को दी गयी.

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