रोबर्ट वाड्रा पर टूटा मोदी का जबरदस्त कहर ,जीजा जी का ऐसा हाल देख राहुल के उड़े होश

0
312

नई दिल्ली : कांग्रेस के मनमुताबिक फैसले नहीं सुनाये जाने से अब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश के खिलाफ विद्रोह छेड़ते हुए महाभियोग का प्रस्ताव पेश कर दिया. हालाँकि जब ऐसे ही दिल्ली हाईकोर्ट ने 2G के आरोपियों को बरी कर दिया था तब यही कोर्ट और जज भगवान की तरह पूजे जा रहे थे और कांग्रेस इसे सत्य की जीत बता रही थी.

हालाँकि अब खुद कांग्रेस में ही फूट पड़नी शुरू हो गयी है, मनमोहन सिंह, सलमान खुर्शीद ने कांग्रेस का साथ छोड़ते हुए इसे कोर्ट की विश्वसनीयता पर संदेह करना बताया है.इस बीच अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल के जीजा और सोनिया के दामाद वाड्रा पर मोदी सरकार का कहर टूट पड़ा है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक सोनिया गांधी के दामाद और पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रॉबर्ट वाड्रा की राजस्थान के बीकानेर की जमीन पर कब्ज़ा करके उसके ऊपर अपने नाम का बड़ा सा बोर्ड गाड़ दिया है.

गौरतलब है कि घोटाले के मुख्य आरोपी पर ईडी की टीम ने बुधवार को छापेमारी की और संपत्तियों को जब्त कर लिया. इसमें बस स्टैंड के पास की जमीन और दुकानें शामिल हैं. वहीं दूसरी ओर कार्रवाई करते हुए ईडी ने जब्त संपत्तियों पर अपना बोर्ड लगा दिया ताकि यहां किसी तरह की गतिविधि न हो सके. इसमें साफ तौर पर कार्यालय की संपत्ति का हवाला दिया है.

बता दें कि जयप्रकाश बांगड़वा इसमें मुख्य आरोपी हैं. जयप्रकाश बांगड़वा रॉबार्ट वाड्रा की बीकानेर की जमीन मामलों में मुख्य दलाल था. जयप्रकाश पुलिस गिरफ्ता में है और धीरे धीरे गांधी परिवार के सारे राज़ खोलता जा रहा है. जिसमे कैसे कौड़ियों के भाव ज़मीन खरीद के करोड़ों रूपए छापे गए.

छह महीने पहले ईडी की टीम ने जयप्रकाश के घर पर भी कार्रवाई की थी. फिलहाल ईडी की टीम ने फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों की जमीन बेचने के मुख्य आरोपी जयप्रकाश की संपत्तियों को जब्त किया है.अशोक कुमार मेसर्स स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के महेश नागर का करीबी सहयोगी है.

स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी फर्म कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई और सोनिया गाँधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी है. एजेंसी ने आरोप लगाया है कि अशोक कुमार ने अन्य लोगों की पावर ऑफ अटॉर्नी का इस्तेमाल कर इसी क्षेत्र में जमीन खरीदी थी.

क्या है बीकानेर जमीन घोटाला?

दरअसल सीबीआई इस बात की जांच कर रही थी कि किस तरह से रोबर्ट वाड्रा ने घपला करने के लिए अपने बॉडीगार्ड और अपने ड्राइवर का इस्तमाल किया. इन दोनों का इस्तमाल करके वाड्रा ने बीकानेर की कोलायत तहसील में 275 बीघा जमीन को खरीदा और 4.5 करोड़ के मोटे मुनाफे में बेच दिया.

वाड्रा का बॉडीगार्ड दिल्ली पुलिस में था, मगर घोटाला सामने आते ही गायब हो गया. सीबीआई ने जब जांच शुरू की, तब पता चला कि रोबर्ट वाड्रा ने जमीन सौदे के लिए कई फर्जी दस्तावेजों का इस्तमाल किया था.

वाड्रा ने अपने ड्राइवर अशोक कुमार के बैंक खाते में 30 लाख रुपये जमा करवाए, ताकि उसके नाम से जमीन खरीदी जा सके. इसके लिए अशोक को पावर ऑफ अटॉर्नी दी गयी, मगर जल्द ही इसी जमीन को 2.34 करोड़ रुपयों में बेच दिया गया. ऐसी ही चालाकी का इस्तमाल करके वाड्रा ने एक जमीन 42 लाख रुपये में खरीदी और दो साल बाद उसे 2.81 करोड़ रुपये में बेच दिया.

लोगों की आँखों में धूल झोंकने के लिए वाड्रा के लोगों ने उस बंजर जमीन पर कुछ सड़कें भी बनवा दी. क्योंकि वाड्रा को वहां के कुछ स्थानीय सरकारी अधिकारियों का साथ भी मिला हुआ था, जिसके बाद अफवाहें काफी असरदार साबित हुई और वाड्रा की जमीन के भाव आसमान छूने लगे.बस फिर क्या था, देश के सबसे बड़े भ्रष्टाचारी परिवार के इस चार सौ बीस दामाद ने आने-पौने दामों में खरीदी अपनी जमीन करोड़ों में बेच डाली और मोटा मुनाफ़ा कमाया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here