घाटी में पर्यटक की ह्त्या देख महबूबा ने लिया ये बड़ा फैसला, मोदी समेत भौचक्का रह गया सेना का हर जवान

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श्रीनगर : आजादी के बाद से कश्मीर में आतंकवाद पनप रहा है. नब्बे के दशक में पाकिस्तान के इशारे पर आतंकवादियों ने पंडितों का कत्लेआम करके उन्हें घाटी से खदेड़ दिया था. तब से लेकर आज तक घाटी आतंकवादियों व् अलगाववादियों के कब्जे से मुक्त नहीं हो सकी. तुष्टिकरण की राजनीति के कारण देशद्रोही तत्व फलते-फूलते रहे. 2014 के बाद पहली बार पीएम मोदी ने कश्मीर से आतंकवाद का सफाया शुरू किया तो कश्मीर के ही नेताओं को मिर्ची लगनी शुरू हो गयी है.

ऑपरेशन “आल आउट” ख़त्म करने की अपील

जम्मू-कश्मीर में कुछ ही दिन पहले पत्थरबाजों ने पत्थर मार-मार कर एक पर्यटक की जान ले ली. पत्थरबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जगह राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती तो पत्थरबाजों का ही पक्ष ले रही है. पत्थरबाजी में पर्यटक की मौत के बाद कड़ी आलोचनाओं के बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केवल दिखावे मात्र के लिए प्रदेश की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई.

इस बैठक में कई दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. मगर पत्थरबाजों के खिलाफ एक्शन लेने की जगह महबूबा ने पीएम मोदी से जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली के लिए एकतरफा युद्धविराम की पहल करने की अपील कर दी है. महबूबा ने पीएम मोदी से अपील की है कि वो आतंकियों के खिलाफ चल रहे सेना के मिशन “आल आउट” को ही बंद कर दें.

महबूबा का कहना है कि सेना द्वारा आतंकियों को मारने के कारण आम कश्मीरियों को दिक्कतें हो रही हैं. ईद और अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न हो सके, इसके लिए ऑपरेशन आल आउट को रोक देना चाहिए.

पत्थर फेकने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं

बता दें कि सोमवार को पत्थरबाजों के हमले में चेन्नै के एक पर्यटक की मौत हो गई थी. वहीं कुछ दिन पहले पत्थरबाजों के हमले में करीब आधा दर्जन पर्यटक घायल हुए थे. अब कश्मीर के इन टुटपुँजिये नेताओं की घिनौनी राजनीति देखिये कि बजाय इसके कि पत्थर फेकने वालों के खिलाफ एक्शन लिया जाए, उलटा पीएम मोदी को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.

बुधवार को सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में महबूबा ने कहा, ‘हम सभी इस बात पर सहमत हुए हैं कि हम केंद्र से अपील करेंगे कि वह सीमा पर सीजफायर के लिए अपनी तरफ से पहल करे. वर्ष 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ऐसा कर चुके हैं. मुठभेड़ और झड़प से घाटी में सैन्य आम जनता को दिक्कतें हो रही हैं. हमें ऐसा माहौल तैयार करना होगा कि ईद और अमरनाथ यात्रा दोनों शांतिपूर्वक संपन्न हो सके.’

पीएम मोदी के मिशन को कमजोर करने की कोशिश

बीजेपी और पीडीपी गठबंधन की नीतियों को प्रदेश हित में बेहतर बताते हुए महबूबा ने कहा, ‘सभी इस बात पर सहमत दिखे कि अगर बीजेपी और पीडीपी गठबंधन के एजेंडा का सही से अनुसरण किया गया तो प्रदेश के हालात बदल सकते हैं.’ महबूबा ने कहा कि बैठक में सभी दल इस बात पर राजी हुए हैं कि हम प्रदेश के वर्तमान हालात और अपनी चिंताओं को पीएम मोदी के समक्ष रखेंगे.

बता दें कि इससे पहले 7 मई को भी मुफ्ती ने केंद्र सरकार से घाटी में जारी हिंसा रोकने के लिए बीच का रास्ता खोजने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि कश्मीर में हिंसा से गरीब युवकों और सुरक्षा बलों का जीवन खत्म कर रही है. उधर, पथराव से पर्यटक की मौत के बाद प्रदेश की सुरक्षा और अन्य गंभीर मुद्दों को लेकर सीएम ने मंगलवार को राज्यपाल एनएन वोहरा से भी मुलाकात की. इस दौरान दोनों ने राज्य में आतंकवाद निरोधक अभियानों , पथराव की घटनाओं , पर्यटक की मौत से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मसलों पर चर्चा की.

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