राहुल को झटका देकर कांग्रेस और जेडीएस विधायकों ने थामा पीएम मोदी का हाथ, पर शपथ लेंगे ये नेता…

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नई दिल्ली : कर्नाटक में चुनावी नतीजे आने के बाद से सरकार बनाने को लेकर उठा-पटक जारी है. पीएम मोदी को रोकने के लिए कांग्रेस सभी जतन कर रही है. कभी कोंग्रेसी नेता सिद्धारमैय्या जिस जेडीएस को पानी पी-पी कर कोसते थे, आज उसी को बिना किसी शर्त समर्थन तक देने को तैयार हैं. मगर कांग्रेस के ही कुछ विधायकों ने राहुल गाँधी को धोखा दे दिया है.

कांग्रेस और जेडीएस विधायकों की बगावत

दरअसल कांग्रेस ने लिंगायत वोटों के लिए समाज को बांटने की राजनीति की थी. यही कारण है कि इस बार लिंगायतों ने बीजेपी के पक्ष में वोट डाले. अब कांग्रेस के लिंगायत विधायकों पर भी लिंगायत समाज द्वारा दबाव डाला जा रहा है कि वो कांग्रेस को छोड़कर पीएम मोदी के साथ हाथ मिला लें.

ऐसे में लिंगायत विधायकों ने कांग्रेस आलाकमान से बगावत कर दी है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस के लिंगायत विधायक इस बात से भी नाराज है कि, जिस कुमारस्वामी को कांग्रेस कोसती थी, आज उसी को सीएम बनाकर थूक कर चाटने को तैयार है?

बताया जा रहा है कि कांग्रेस के लिंगायत विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं और केवल कांग्रेस के ही नहीं बल्कि जेडीएस के पांच विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं. जेडीएस के इन विधायकों की शिकायत भी यही है कि कांग्रेस जैसी भ्रष्ट पार्टी के साथ हाथ नहीं मिलाया जाना चाहिए.

विधायकों को छिपाने में जुटी कांग्रेस

इन विधायकों की बगावत को देखते हुए जेडीएस ने फैसला लिया है कि वो अपने सभी विधायकों को बेंगलुरु से दूर रखेगी ताकि वो बीजेपी के साथ हाथ ना मिला सकें. वहीँ कांग्रेस ने भी अपने विधायकों को पार्टी छोड़ने के डर से कर्नाटक से बाहर भेजने की प्लानिंग की हुई है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस अपने विधायकों को आंध्र प्रदेश या पंजाब भेज सकती है.

कांग्रेस और जेडीएस द्वारा अपने विधायकों को छिपाने की खबर वायरल हो गयी है और इसे देखते हुए केरल टूरिज्म ने ट्वीट किया है कि अगर विधायकों को कहीं जाना है, तो केरल आ सकते हैं.

17 मई को शपथ लेंगे येदियुरप्पा

बता दें कि कांग्रेस व् जेडीएस विधायकों के बीजेपी के साथ हाथ मिलाने की ठान ली है और ऐसे में गोवा और मेघालय की ही तरह अमित शाह कर्नाटक में भी कांग्रेस को पटखनी देने को तैयार हैं. बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि सरकार उन्ही की बनेगी और येदियुरप्पा 17 मई को शपथ लेंगे.

वहीँ राज्यपाल भी सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने के पहला मौका देंगे राज्यपाल. यानी ये साफ़ हो चुका है कि कर्नाटक से भी कांग्रेस साफ़ हो चुकी है. पिछले दिनों गोवा, मणिपुर और मेघालय में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर भी सरकार नहीं बना पाई. क्योंकि परिणाम आने के पहले से बीजेपी ने प्लान-बी पर काम करना शुरू कर दिया था और कांग्रेस बहुमत की आस में बैठी थी.

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