भारतीय सेना ने धरा रौद्र रूप, आतंकियों का काल बन खून से नहला दी घाटी, पत्थरबाजों में पसरा मातम

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नई दिल्ली : भारतीय सेना ने कश्मीर में आतंकवाद के सफाई अभियान पर ज़ोरशोर से लगी हुई है. मिशन आल आउट से पिछले साल 200 आतंकी मारे गए थे जिसमे प्रमुख मोस्टवांटेड कमांडर मरे थे. वही सिलसिला इस साल भी तेज़ी से जारी है. अभी सेना को राजौरी में बड़ी कामयाबी मिली है.

भारतीय सेना का कश्मीर में धमाकेदार एक्शन, बिछा दी लाशें

अभी मिल रही ताज खबर मुताबिक राजौरी के सुंदरबनी क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल व सीआरपीएफ के शिविर के करीब आतंकियों व सुरक्षा बलों के बीच एनकाउंटर में चार आतंकी को मौत के घाट उतार दिया गया है.सुरक्षा बलों के जवानों ने मुठभेड़ स्थल से गोला बारूद से भरे तीन बैग भी बरामद किए है. ये आतंकी बड़ी साज़िश रचने की फ़िराक से आये थे लेकिन सेना ने सफलता पूर्वक इन्हे ठोक डाला.

इन आतंकवादियों ने चार से पांच दिन पहले एलओसी से घुसपैठ की थी और कई दिनों के तलाशी अभियान के बाद इनके सुंदरबनी तहसील में होने का पता चला था

इस साल जनवरी के बाद से भी कई आतंकियों का एनकाउंटर में सफाया किया जा चुका है. इनमे से कुछ सीमा पार कर घुसपैठ करके आए आतंकी थे तो कुछ कश्मीर के ही जिहादी थे जो आतंक के रास्ते पर चल निकले थे.

राजौरी के एसएसपी युगल मनहास ने बताया है कि बुधवार की सुबह सुरक्षा बलों को अपने करीब आते देख आतंकवादियों ने कुछ राउंड फायर कर दिए। जिसके बाद सुरक्षा बलों के जवानों आतंकवादियों को घेर लिया. जिसके बाद से सुरक्षा बलों व आतंकवादियों के बीच गोलाबारी जारी हो गई है. राजौरी के एसएसपी जुगल मन्हास पूरे आपरेशन का नेतृत्व कर रहे है.

कश्मीर में जारी हिंसा व् आतंकवाद पर बोलते हुए सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा था कि कश्मीर के हालात जल्द ही सुधरेंगे. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान सोशल मीडिया के द्वारा प्रोपगैंडा फैला कर कश्मीर के युवाओं को भरमा रहा है.

पाकिस्तान भ्रामक संदेशों और वीडियो से छेड़छाड़ कर उन्हें सोशल मीडिया के जरिये कश्मीरी युवाओं तक पहुंचाकर उन्हें बरगला रहा है. अलगाववादियों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि घाटी से भी कुछ लोग इस नापाक योजना में पाकिस्तान का साथ दे रहे हैं.

सेना प्रमुख के बयान की गंभीरता को इसी से समझा जा सकता है कि इससे पहले भी वो पत्थरबाजों को गोली मारने की चेतावनी दे चुके हैं. उन्होंने स्पष्ट किया था कि यदि कश्मीरी युवा आतंकियों का साथ देने के लिए सेना के ऑपरेशन में बाधा डालते हुए पत्थर फेकेंगे तो उनके साथ आतंकियों जैसा बर्ताव करते हुए उन्हें भी गोली मार दी जायेगी. यही वजह है कि अब पत्थरबाजों की संख्या में गिरावट देखने को मिली है.

ये विडियो देखें:

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