पाक से युद्ध के माहौल के बीच अमेरिका ने निभाया अपना वादा, भिजवाये सबसे ख़तरनाक हथियार, पाक फ़ौज में दहशत…

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नई दिल्ली : पीएम मोदी के प्रयासों के बड़े परिणाम देखने को मिल रहे हैं. देश की सेना को ताकतवर बनाने के लिए पीएम मोदी ने कई अहम् कदम उठाये हैं ओर अब इसी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. ख़ास बात ये भी है कि ये खबर तब सामने आ रही है, जब सीमापार से पाकिस्तान लगातार गोलीबारी करके सीजफायर का उलंघन कर रहा है.

भारतीय वायुसेना को मिलेंगे एफ-16 लड़ाकू विमान

चीन व् पाकिस्तान दोनों ही भारत के लिए बड़ा ख़तरा बन चुके हैं. ऐसे में पीएम मोदी के प्रयासों से रक्षा क्षेत्र की दिग्गज अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में एफ-35 फाइटर जेट्स के निर्माण का प्रस्ताव दिया है. कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि इससे भारतीय इंडस्ट्री के पास दुनिया के सबसे फाइटर एयरक्राफ्ट इकोसिस्टम का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा.

अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने भारत में एफ-16 लड़ाकू विमान बनाने के लिए टाटा समूह से करार किया है. अमेरिका की सबसे बड़ी हथियार निर्माता कंपनी के भारत आने से अंतर्राष्ट्रीय मंच पर दूरगामी प्रभाव होंगे. अन्य देशों की बड़ी कंपनियां भी भारत में हथियार बनाने के लिए आयेगीं, जिससे भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ जायेगी.

दुनिया में पहली बार होने जा रहा ऐसा

लॉकहीड मार्टिन एयरोनॉटिक्स के स्ट्रेटजी ऐंड बिजनस डिवेलपमेंट विंग के वाइस प्रेजिडेंट विवेक लाल ने कहा है, ‘इंटरनैशनल एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग में हम दो नए शब्द जोड़ना चाहते हैं, भारत और एक्सक्लूसिव.’

उन्होंने कहा, ‘भारत में फाइटर जेट्स का प्रॉडक्शन एक्सक्लूसिव होगा. इससे पहले किसी और फाइटर एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरर की ओर से इस तरह का प्रस्ताव नहीं दिया गया है. यही नहीं भारत में बने फाइटर जेट्स के लिए एक्सपोर्ट मार्केट भी खासा बड़ा है.

बता दें कि भारत में हथियार बनाने के इस सौदे में लॉकहीड मार्टिन के भारतीय-अमेरिकी अधिकारी विवेक लाल की अहम भूमिका है. एफ-35 जेट एयरक्राफ्ट के तीनों वैरिएंट सिंगल इंजन एयरक्राफ्ट हैं.

कांग्रेस द्वारा खोदे गए गड्ढे भरने शुरू

पिछले 60 सालों से देश पर एक छात्र राज कर रही कांग्रेस ने घोटालों के सिवा कुछ ना किया. यहाँ तक कि दोगले और महाभ्रष्ट कोंग्रेसी नेताओं ने रक्षा सौदों तक को नहीं बक्शा था. भारतीय वायु सेना की फिलहाल हालत काफी खस्ता हो चुकी है.

वायुसेना के पास सोवियत संघ से मिले पुराने पड़ चुके लड़ाकू विमान हैं, जिनसे बड़ी जंग आसानी से नहीं जीती जा सकती. वहीँ दूसरी ओर पाकिस्तान एयरफोर्स के पास अमेरिका के ऍफ़-16 लड़ाकू विमान हैं. भारतीय वायुसेना को पुराने विमानों की जगह सैकड़ों नए विमानों की जरूरत है.

वायुसेना की इसी जरूरत को समझते हुए पीएम मोदी ने इस दिशा में काम करना शुरू किया था और अब उन्हें बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. ये तो केवल एक शुरुआत भर है, क्योंकि इसके बाद भारत में दुनियाभर की हथियार निर्माता कंपनियां आएँगी और पाकिस्तान व् चीन की नापाक हरकतों पर लगाम लगाने के लिए भारतीय सेना और भी अधिक ताकतवर होती ही जायेगी.

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