डोनाल्ड ट्रम्प ने निभायी अपनी दोस्ती ! अमेरिका से ये उपहार लेकर भारत पहुंचा जहाज !

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केंद्र में जबसे बीजेपी की सरकार आई है तभी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश को शीर्ष पर पहुँचाने के लिए कई बड़े कदम उठाये हैं. आज भारत को दुनियाभर में एक अलग पहचान मिल चुकी है. पीएम मोदी जी द्वारा उठाये गये कदमों की गूंज देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में होती है.

पीएम मोदी जी ने विदेशों में जाकर वहां के नेताओं से मिलकर भारत की अर्थव्यवस्था और दोनों देशों के बीच के रिश्तों को मजबूत करके निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है. यही वजह है कि आज दुनियाभर के नेता पीएम मोदी से अच्छे रिश्ते बनाकर रहना चाहते हैं.

पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भारत के अमेरिका से रिश्ते बेहतर हुए हैं. यही कारण है कि आज जब भी भारत की तरफ से ट्रम्प को न्यौता जाता है तो वह जरुर भारत आते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत के साथ अपनी दोस्ती निभाते हुए तोहफा भेजा है. जिसे जानने के बाद आपको अपनी पीएम मोदी जी पर गर्व होगा. अमेरिका ने भारत के साथ कई अहम मुद्दों पर निवेश किया है. जिसके चलते भारत के लिए यह उपहार भेजा गया है.

जानकारी के लिए बता दें अमेरिका से तरलीकृत प्राकृतिक गैस एलएन जी की पहली खेप शुक्रवार को भारत के लिए जहाज से रवाना कर दी है. भारत के केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान ने 1.2 लाख टन की इस खेप को यहाँ से प्राप्त कर लिया है. इसे प्राप्त करने के बाद उन्होंने गेल की नई कंपनी कोंकण एलएनजी द्वारा 700 करोड़ रूपये के निवेश की घोषणा भी कर दी है. बता दें यह निवेश निर्माणाधीन ब्रैकवाटर की सुविधा को पूरा करने के लिए किया जा रहा है.

गौरतलब है कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यह टर्मिनल हर मौसम में काम करने वाला केंद्र बन जायेगा. इस समय यह केंद्र साल में आठ महीने ही परिचालन कर सकता है. केंद्रीय मंत्री प्रधान ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बताया है कि ब्रैकवाटर के लिए टेंडर को अंतिम रूप दे दिया गया है.

आगे उन्होंने बताया है कि काम मानसून के पहले या मानसून के तुरंत बाद शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है. गेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ये भी बताया है कि बैकवाटर बनने तक कंपनी को हर साल 22-24 खेप मिलेगी. अब यह सुविधा मिलने के बाद सालाना 80-90 खेप ली जा सकेंगी.

इसके लिए अमेरिका ने एलएनजी के आयात के लिए लगभग 32 अरब डॉलर मूल्य के 20 साल की अवधि के लिए दो समझौते किये हैं. केंद्रीय मंत्री प्रधान ने आगे बताया है कि भारत ने अमेरिका के साथ एलएनजी सौदा बहुत ही कम कीमत पर सौदा तय किया है. अमेरिका से आये गैस और तेल की खेप की शुरूआत से भारत और अमेरिका के व्यापर को नया बल मिलेगा. यह जहाज 24 दिन के बाद भारत पहुंचा है.

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