कांग्रेस की काली करतूत का अब ये बड़ा खामियाज़ा भुगतेगा भारत, पीएम मोदी के होश उड़े..

0
216

नई दिल्ली:कांग्रेस राज़ मे हुए घोटाले और फ्रॉड का खामियाज़ा भारत भुगतने जा रहा है, पीएनबी फ्रॉड के बाद सरकारी बैंकों की इमेज तो खराब हुई ही है अब ग्रोथ की रफ्तार को भी झटका लगने की आशंका है. दिग्गज एफआईआई ब्रोकिंग फर्म गोल्डमैन सैक्स ने अगले साल के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान घटा दिया है. पीएनबी फ्रॉड के बाद ब्रोकिंग फर्म ने जीडीपी ग्रोथ अनुमान घटाया है.

गोल्डमैन सैक्स ने वित्त वर्ष 2019 के लिए भारत का जीडीपी ग्रोथ अनुमान 8 फीसदी से घटाकर 7.6 फीसदी किया है. वहीं, गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक वित्त वर्ष 2019 में रिटेल महंगाई दर 5.3 फीसदी रहने का अनुमान है. इसके अलावा आरबीआई तीसरी तिमाही में दरें बढ़ा सकता है. आरबीआई इस साल दरों में 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है.

राजकोषीय घाटा लक्ष्य से अधिक रहने की आशंका: गोल्डमैन

गोल्डमैन सैक्स ने कहा राजकोषीय घाटे का लक्ष्य उम्मीद के अनुरूप है, लेकिन जबतक आर्थिक कारोबार का तेजी से पंजीकरण नहीं होता, 2018-19 में इसके अनुमान से थोड़ा अधिक रहने की आशंका है. गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, पिछले साल जुलाई से लागू जीएसटी के संदर्भ में राजस्व वृद्धि भी उत्साहजनक है.

उसने एक रिपोर्ट में कहा, ‘‘राजस्व में जरूरी वृद्धि के लिए जबतक आर्थिक गतिविधियों का आने वाले वर्ष में तेजी से पंजीकरण नहीं होता है, हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटे के बजट अनुमान से 0.2 प्रतिशत ऊपर जाने का जोखिम है.

वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, 7.5% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ

वर्ल्ड बैंक की तरफ से बुधवार को कहा गया कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और विमुद्रीकरण के चलते निचले स्तर पर पहुंचने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर वित्त वर्ष 2019-20 तक वापस 7.5 फीसदी बनी रह सकती है. वर्ल्ड बैंक की तरफ से कहा गया कि भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर वित्त वर्ष 2017-18 में बढ़कर 7.3 प्रतिशत होने का अनुमान है. आगे वित्त वर्ष 2018-19 और 2019-20 में क्रमश: विकास दर 7.5 फीसदी बनी रह सकती है.

तीसरी तिमाही में पकड़ी रफ्तार

कृषि, निर्माण और विनिर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन की बदौलत अक्टूबर से दिसंबर की तीसरी तिमाही के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर बढ़कर 7.2 प्रतिशत हो गई जो कि पिछली पांच तिमाहियों में सर्वाधिक रही. तीसरी तिमाही के आर्थिक वृद्धि आंकड़ों के साथ ही बुनियादी क्षेत्र के आठ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन सूचकांक में जनवरी माह में 6.7 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई.

महंगाई घटी, लेकिन अब बढ़ने के आसार

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर जहां कुछ दिन पहले ही भारत के लिए अच्छी थी कि महंगाई घट गई है. महंगाई दर फरवरी में घटकर 4.4 प्रतिशत पर आ गई. केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के आंकड़े के अनुसार खाने-पीने की चीजें तथा ईंधन की लागत में कमी से खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में घटकर चार महीने के न्यूनतम स्तर 4.44 प्रतिशत पर पहुंच गई. लेकिन, गोल्डमैन सैक्स ने अगले वित्त वर्ष में इसके बढ़ने की आशंका जताई है.

RBI बढ़ाएगा ब्याज दर

रिजर्व बैंक अगली मौद्रिक नीति समीक्षा पांच अप्रैल 2018 को करेगा. शीर्ष बैंक ने महंगाई दर में वृद्धि की आशंका में नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया. ऐसे में गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि आरबीआई इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है. यह नहीं, आरबीआई इस साल करीब 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है.

ये विडियो देखें :

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here