भारत पहले ही भांप चुका था और अब ये सात देश भी चीन को दे सकते हैं झटका…

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चीन की अतिवादी मानसिकता जगजाहिर है. अपने भले के लिए चीन किसी भी हद तक जाने को तैयार हो जाता है वह यह भी नहीं सोचता कि इससे दूसरे देशों को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है.

अपने फायदे के सामने चीन को कुछ भी नहीं दिखता, वो समुद्री सीमाओं का उल्लंघन करता है और जब उसे ऐसा करने के लिए मना किया जाता है तो वो किसी की सुनता भी नहीं है, वो अपने पड़ोसी देशों की सीमाओं में घुस जाता है और जबरन दूसरे देशों के इलाकों पर अपना अधिकार जमाता है और इसका उसे कुछ अफ़सोस भी नहीं होता.

ऐसा ही काम चीन बेल्ट ऐंड रोड इनिशटिव के जरिये कर रहा है अपने फायदे के लिए वो यूरोप और अफ्रीका को एशिया के साथ जोड़ना तो चाहता है, लेकिन इस प्रॉजेक्ट की वजह से दूसरे देशों पर क्या असर पड़ेगा इससे चीन को कोई फर्क नहीं पड़ता.

NBT में छपी खबर के अनुसार, अब चीन के बेल्ट ऐंड रोड इनिशटिव (बीआरआई) को 7 देश बड़ा झटका दे सकते हैं. दरअसल कुछ विश्लेषकों का मानना है कि चीन के साथ बढ़ रहे व्यापार से कुछ देशों को घाटा उठाना पड़ सकता है. जानकार इस बात पर भी चिंता जता रहे हैं कि जितना पैसा चीन पाकिस्तान में लगा रहा है उसे पाकिस्तान कैसे चुका पाएगा ?

‘द बैंकर मैगजीन’ और ‘निक्की एशियन रिव्यू’ ने सात देशों में BRI की स्थिति पर एक रिपोर्ट तैयार की है, यह सात देश कजाकिस्तान, बांग्लादेश, पोलैंड, लाओस, इंडोनेशिया, श्री लंका और पाकिस्तान हैं. रिपोर्ट में लिखा गया है कि स्थानीय वर्कर्स और बैंकों के व्यवस्थित न हो पानेवाले कर्जे की वजह से इस प्रॉजेक्ट को लेकर भागीदारी में कमी देखी जा रही है.

बात स्पष्ट है कि ये देश चीन के कर्जे तले दबने से डर रहे हैं और इसीलिए चीन के BRI प्रॉजेक्ट को ये झटका दे सकते हैं. वहीं भारत पाक अधिकृत कश्मीर से जाने वाले इस प्रॉजेक्ट को लेकर पहले ही चिंता जाहिर कर चुका है. भारत पहले ही भांप चुका था कि चीन इस प्रॉजेक्ट के जरिये बाकी देशों पर दबाव बढ़ा सकता है.

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