विरोधियों के सारे सपने हो गये चूर, SP-BSP को अब लगा ये बड़ा वाला झटका..

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14 मार्च को आये उपचुनावों के परिणाम के बाद विपक्षीय पार्टियों ने ऐसे जश्न मनाया जैसे उन्होंने कौनसा किला ढहा लिया हो. गोरखपुर और फूलपुर में हुए उपचुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था. बीजेपी के सामने सारे विपक्षीय दल एक हो गये थे. जिसमें समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों की जीत हुई थी.

इन उपचुनावों में जीतने के बाद सपा और बसपा पार्टी काफी जोश में आ गयी थी. समाजवादी पार्टी से गठबंधन करके मायावती बुरी फंस गयी हैं. बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोचा था कि वह सपा से गठबंधन करके राज्यसभा में अपनी उम्मीदवार भेज पाएंगी लेकिन अब जिसका अंदेशा था वही हुआ.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर-प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले सभी राजनैतिक पार्टियाँ अपने-अपने विधायकों की बैठक करने में जुट गये हैं. 21 मार्च बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर बीजेपी और एनडीए के विधायकों की बैठक बुलाई गयी.

इस बैठक में एक ऐसा विधायक भी जा पहुंचा जिसने समाजवादी पार्टी और बसपा के होश उड़ा डाले. सीएम योगी की इस बैठक में सपा के बागी विधायक नितिन अग्रवाल भी शामिल हुए हैं, जिसने सपा और बसपा की नींद उड़ा दी है.

गौरतलब है कि अभी कुछ दिन पहले सपा नेता नरेश अग्रवाल बीजेपी में शामिल हुए थे. बता दें इस समय उनके बेटे सपा से विधायक हैं. अब उनके बेटे को भी बीजेपी की इस पार्टी में देखकर विरोधी पार्टियों के खेमे में हलचल मच गयी होगी. आइये बताते हैं राज्यसभा के लिए क्या गणित है. सपा के पास 47 विधायक हैं जिसके अनुसार पार्टी अपनी उम्मीदवार जया बच्चन को आसानी से राज्यसभा भेज सकती है.

इसी के साथ मायावती से गठबंधन करने के बाद उनके उम्मीदवार भीम राव अम्बेडकर को जीत दिलाने के लिए अखिलेश को काफी मेहनत करनी पड़ रही है. फिलाहल में राज्यसभा में अपना प्रत्याशी भेजने के हिसाब से उनके पास 10 सरप्लस विधायक हैं लेकिन नरेश अग्रवाल के बीजेपी में शामिल होने के बाद उनके बेटे नितिन अग्रवाल पर सस्पेंस बना हुआ है. बता दें नितिन सपा से विधायक हैं. सपा के 9 वोट और बसपा के 19 वोट मिलाकर 28 वोट होते हैं.

कांग्रेस ने भी बसपा को समर्थन करने का ऐलान किया है. उसके पास 7 विधायक हैं. इस हिसाब से 35 विधायकों का जुगाड़ हो गया है. जीत के लिए 37 विधायकों का वोट होना जरुरी है. हालाँकि अजीत सिंह की पार्टी RLD के एक विधायक ने भी साथ देने का वादा किया है.

यहाँ तक तो सब ठीक था लेकिन निषाद पार्टी की एक मात्र विधायक विजय मिश्रा ने ऐन वक्त पलटी मारकर सपा और बसपा को मुश्किल में डाल दिया है. विजय मिश्रा ने बीजेपी को वोट करने का ऐलान कर दिया है. अब सपा को नरेश अग्रवाल के लड़के नितिन अग्रवाल पर सस्पेंस बना हुआ था. अब उनके बीजेपी की इस भोज पार्टी में शामिल होने से बसपा और सपा को सदमे में पहुंचा दिया है.

एक विधायक का वोट ही राज्यसभा चुनाव में बड़ा उल्ट फेर कर सकता है. राज्य की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 23 मार्च को चुनाव होने हैं, जिनमें से 8 सीटों पर बीजेपी की जीत तय है. अब नितिन अग्रवाल का वोट सपा और बसपा के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है.

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