कर्नाटक में सरकार बनते ही बीजेपी के खिलाफ आया देश का सबसे बड़ा वकील, मोदी को ही दे डाली ये चुनौती, गुस्से मे देश

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नई दिल्ली : भ्रष्टाचार और कालेधन के दुश्मन बने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल 4 वर्षों में अपने कई दुश्मन बना लिए हैं. आतंकवादियों के निशाने पर तो वो हैं ही, मगर उनके कई अपने भी उनके पीछे हाथ धो कर पड़ गए हैं. कर्नाटक में बीजेपी की सरकार बनने के खिलाफ कभी बीजेपी के सदस्य रहे मशहूर वकील राम जेठमलानी ने पीएम मोदी के खिलाफ ही बड़ा फैसला ले लिया है.

मोदी के खिलाफ जेठमलानी ने फूँका बिगुल

भ्रष्टाचारी नेताओं और क़त्ल के आरोपियों की पैरवी करने वाले राम जेठमलानी ने कर्नाटक में भाजपा को सरकार बनाने का आमंत्रण देने के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ आज उच्चतम न्यायालय का रुख किया. उन्होंने राज्यपाल के फैसले को ‘‘ संवैधानिक शक्ति का घोर दुरुपयोग ’’ बताया.

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पीठ ने तत्काल सुनवाई के लिए दायर की गई जेठमलानी की याचिका पर विचार किया और कहा कि आज तड़के मामले की सुनवाई करने वाली तीन सदस्यीय विशेष पीठ कल इस पर सुनवाई करेगी.

मोदी को सत्ता से उखाड़ना चाहते हैं जेठमलानी

न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता से कहा कि वह न्यायमूर्ति ए के सीकरी की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष 18 मई को अपनी याचिका दायर करें, जब कांग्रेस पार्टी और जनता दल (सेक्यूलर) की याचिकाओं पर सुनवाई होगी.

कर्नाटक की सियासी उठापटक पर जेठमलानी ने कहा कि ये संविधान का अपमान है और मुझे कोई शक नहीं है कि राज्यपाल ने नरेंद्र मोदी की सलाह पर काम किया है. उन्होंने कहा कि मैं बीती बात नहीं करना चाहता, लेकिन मेरी जिंदगी का एक मकसद पूरा नहीं हुआ है और वो मोदी से मुक्ति पाने का.

जेठमलानी ने किया सुप्रीम कोर्ट का अपमान

वरिष्ठ वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मेरा विश्वास उठ गया है. ये हॉर्स ट्रेडिंग नहीं है, ये डंकी ट्रेडिंग है. भ्रष्टाचार को खुलेआम बढ़ावा दिया जा रहा है, उन्हें सिर्फ लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाकर ही वोट हासिल कर सकते हैं.

बता दें कि पिछले ही हफ्ते भी राम जेठमलानी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा था कि 2014 में मोदी का समर्थन करना उनकी मूर्खता थी. राम जेठमलानी ने कालेधन को लेकर पीएम मोदी और अमित शाह की नीयत पर सवाल उठाते हुए उनके बारे में काफी भला-बुरा कहा था.

वहीँ बीजेपी के सूत्रों के मुताबिक़ राम जेठमलानी, यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे कई नेता पद का सपना पाले बैठे थे. इन नेताओं ने अपनी सरकार के दौरान कुछ ख़ास काम नहीं किया, जिसके कारण जनता ने इन्हे सत्ता से हटा दिया था. पीएम मोदी अपनी सत्ता में केवल उन लोगों को मंत्रालय देने के पक्ष में हैं, जो विकास के कार्य करने में सक्षम हों. यही कारण है कि बीजेपी के ये टुटपुँजिये नेता आज पीएम मोदी का खुलकर विरोध कर रहे हैं.

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