शाहरुख खान पर टूटा मोदी का कहर, जांच में खुले चौंकाने वाले राज, भौचक्की रह गयी देश की जनता

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मुम्बई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी भ्रष्टाचारी को बक्शने की मूड में नहीं हैं, फिर चाहे वो कोई नेता हो, अधिकारी हो या कोई सुपरस्टार. जांच एजेंसियों को निष्पक्ष रूप से सभी भ्रष्टाचारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं. इसी के चलते चारा चोर लालू यादव जेल में चक्की पीस रहे हैं. अब आयकर विभाग का शिकंजा शाहरुख खान पर कसता जा रहा है. जांच में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिन्हे देख दुनियाभर में उनके फैन हैरान हैं.

धोखाधड़ी व् भ्रष्टाचार के मामले में फंसे शाहरुख

कुछ ही दिन पहले आयकर विभाग ने शाहरुख खान के अलीबाग वाले बंगले को सील कर दिया था. इसे लेकर कार्रवाई भी की गई है. जांच में कुछ बेहद चौकाने वाली खबरें सामने आ रही हैं, जिन्हे देख सभी हैरत में हैं कि भला कोई सुपरस्टार जोकि अरबपति है, वो भला ऐसा कैसे कर सकता है?

दरअसल जांच के दौरान पूछताछ में शाहरुख के सीए ने कबूल किया है कि जिस जमीन पर शाहरुख ने बँगला बनवाया, उसे खरीदने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था. शाहरुख पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने एग्रीकल्चरल लैंड पर बँगला बनवा लिया, यानी जमीन खरीदी तो खेती के लिए थी, मगर उसपर अवैध बंगला खड़ा कर दिया.

शाहरुख के कहने पर किया घपला

केवल इतना ही नहीं बल्कि शाहरुख के सीए मोरेश्वर अजगांवकर ने आयकर विभाग को ये भी बताया कि शाहरुख के कहने पर ही उन्होंने जाली दस्तावेज दिखाकर वो जमीन खरीदी थी. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शाहरुख ने अपने इस बंगले में प्राइवेट हेलीपैड और स्वीमिंग पूल भी बनावाया है. आयकर विभाग के ऑफिसर्स ने मीडिया को बताया कि मोरेश्वर अजगांवकर ने उन्हें बताया है कि वो शाहरुख के कहने पर सबकुछ कर रहे थे.

यानी सारी धांधली खुद शाहरुख के कहने पर ही की गयी. आयकर अधिकारियों के मुताबिक़ शाहरुख के सीए ने माना है कि उन्होंने जाली दस्तावेजों और 7/12 एक्सट्रेक्ट का इस्तेमाल शाहरुख के कहने पर किया. 7/12 एक्सट्रेक्ट राज्य के राजस्व विभाग का होता है, जिसमें खरीदने की तारीख, मालिक का नाम, एरिया, जमीन का प्रकार और दूसरी जरूरी बातें शामिल होती हैं.

जाली दस्तावेजों के जरिये की गयी धांधली

एक जाली दस्तावेज में यह दिखाया गया है कि बंगला 1991 से पहले से ही बना हुआ था, जबकि 2003 के गूगल अर्थ सैटेलाइट फोटो में कोई बंगला दिख ही रहा है. जिसका मतलब साफ़ है कि ये दस्तावेज भी जाली ही है.

केवल इतना ही नहीं, शाहरुख की कंपनी ‘देजा वू फार्म्स’ ने कंपनी रजिस्ट्रार के सामने दिखाया है कि बंगले को बनाने में केवल 16 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. जबकि आयकर विभाग का दावा है कि बंगले के निर्माण पर करीब 50 करोड़ रुपये का खर्च आया है. यानी यहाँ भी धांधली करके खर्च को कम दिखाया गया है.

सी फेसिंग विला के लिए फर्जी किसान बने शाहरुख?

मीडिया को जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक 2004 में ‘देजा वू फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की शाहरुख़ की कंपनी के जरिए ये जमीन खरीदी गई थी. जमीन खरीदते वक़्त कहा गया था कि ‘देजा वू फार्म्स’ इस जमीन पर खेती और खेती के विकास का काम करेगी.

मगर हुआ इसका ठीक उलटा, रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘देजा वू फार्म्स’ कंपनी ने साल 2004 से अब तक खेतीबाड़ी के कामों में एक रुपया तक खर्च नहीं किया. इसके अलावा ‘देजा वू फार्म्स’ कंपनी के नाम पर शाहरुख खान ने 2006-07 में 8 करोड़ 45 लाख रुपये का कर्जा भी लिया था, जो अब तक उन्होंने चुकाया नहीं है.

कंपनी में शाहरुख के ससुर-सास

सरकारी दस्तावेज में इस कंपनी के डायरेक्टर शाहरुख के ससुर और गौरी खान के पिता रमेश छिब्बा हैं. इनके अलावा गौरी खान की मां सविता छिब्बा और उनके भाई की पत्नी नमिता छिब्बा का नाम भी इस कंपनी के मालिकों में शामिल है. बता दें शाहरुख के अलीबाग में विला और मन्न्त के अलावा दुबई, लंदन और दि‍ल्ली में भी शानदार बंगले हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में बताई गई है.

रोज़वैली घोटाले में भी फसे शाहरुख़ खान

वैसे शाहरुख़ खान का ये कोई पहला ऐसा केस नहीं है, जिसमे भ्रष्टाचार के आरोप लगे हों. इससे पहले बंगाल के चर्चित रोजवैली चिटफंड घोटाले में, जिसमे ममता बनर्जी के कई बड़े नेता भी जेल जा चुके हैं, उसमे भी शाहरुख का नाम सामने आ चुका है.

रोजवैली चिटफंड घोटाले में भी शाहरुख़ खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्ज़ का नाम सामने आया था. सीबीआई को शाहरुख़ खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्ज़ के अंदर रोज वैली घोटाले के पैसे के निवेश होने के सबूत मिल रहे हैं. रोजवैली ग्रुप ही कोलकाता नाइट राइडर्स टीम का को-स्पांसर था.

सीबीआई और ईडी दोनों जुटीं जांच में

इतना ही नहीं बल्कि शाहरुख ही रोजवैली के रिसोर्ट का विज्ञापन भी किया करते थे. अरबों रुपयों के इस घोटाले के मामले में केकेआर के एक उच्च अधिकारी के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ भी की थी.

सीबीआई से पहले ईडी ने भी जांच की थी जिसमे ये बात सामने आयी थी कि रोज वैली ने केकेआर में को-स्पांसर के तौर पर करोड़ों रुपये का निवेश किया था. इस केस की जांच भी अभी चल ही रही है. अब आयकर विभाग ने शाहरुख़ के अवैध बंगले की जांच भी तेज कर दी है.

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