बेचारी कांग्रेस: वहां कांग्रेस लगा था विपक्ष को एकजुट करने में और यहाँ हो गया ये कांड…

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की एक मुसीबत थमती नहीं है कि दूसरी पैदा हो जाती है. कर्नाटक में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गाँधी जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं. कांग्रेस की इज्जत बचाने के लिये कांग्रेस पार्टी बढ़-चढ़कर प्रचार प्रसार कर रही है.

वहीँ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह भी प्रचार में लग गये हैं. केंद्र में जबसे बीजेपी की सरकार आई है तब से लेकर अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा देश के अधिकतर राज्यों में अपनी जीत का परचम लहरा चुकी है. इससे पहले भी बीजेपी ने त्रिपुरा और पूर्वोत्तर के राज्यों में शानदार जीत दर्ज कर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें अभी हाल ही में कर्नाटक में चुनाव से एक ऐसी खबर आ रही हैं जिसने राहुल गाँधी समेत पूरी कांग्रेस पार्टी को गहरे सदमे में पहुंचा दिया है. यह बहुत बड़ा झटका उन्हें लगा है. बता दें चुनाव से पहले किसी और ने नहीं बल्कि खुद कांग्रेस के कई नेताओं ने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया है. जो कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका है. जहाँ एक ओर सोनिया गाँधी विपक्ष के सभी नेताओं को एकजुट करने में लगी हुई हैं वहीँ अब इन नेताओं ने कांग्रेस को सदमे में पहुंचा दिया है.

गौरतलब है कि ओडिशा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी की प्राथमिकता से 30 मार्च को इस्तीफा सौंप दिया है. पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि इन नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी और प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष प्रसाद हरिचंद को अपना इस्तीफा भेज दिया है. इन नेताओं में पार्टी के पूर्व केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं. कांग्रेस में मचे इस हाहाकार ने एक बार फिर राहुल गाँधी को हैरत में डाल दिया है.

बता दें पार्टी छोड़ने वाले नेताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर साहू, ओडिशा प्रदेश कांग्रेस समिति के सचिव विक्रम कुमार पांडा और जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष बी गंतायत भी शामिल हैं. इसी के साथ बेहरमपुर नगर निगम के पांच पार्षद ने भी इस्तीफा दिया है.

इस्तीफा देने के पीछे देखिये पूर्व केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर साहू ने कहा है कि , ‘‘ पिछले कुछ साल से कांग्रेस में कोई अनुशासन नहीं है. पार्टी हाईकमान भी राज्य में पार्टी संगठन में कोई सुधार के मूड में नहीं है.

2009 से पार्टी ने हमारा कोई इस्तेमाल नहीं किया और हमारी अनदेखी की है. इसलिए मैने पार्टी छोड़ने को निर्णय किया.’’ उन्होंने किसी पार्टी का नाम लिए बगैर कहा कि कांग्रेस से असंतुष्ट उनके साथ जुड़ेंगे जो धर्मनिरपेक्ष होगा और ओडिशा के हित में खड़ा होगा.’’

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