एक तरफ सपा-बसपा गठबंधन बना रही है दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने राजा भैया को..

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23 मार्च का दिन था, 10 बजे के आसपास उत्तर प्रदेश की सियासत में एक अजीब सी हलचल देखने को मिल रही थी. खबर राज्यसभा चुनाव से जुड़ी हुई थी. दरअसल उत्तर प्रदेश की खाली हुई 10 सीटों के लिए वोटिंग शुरू हो गयी थी. इस वोटिंग में सपा अपने पक्के वोटों से जया बच्चन की दावेदारी पक्की कर चुकी थी.

अब बारी बसपा की थी, सपा के जो भी वोट बचे थे वो बसपा उम्मीदवार को देने थे. इस पूरे खेल में निर्दलीय विधायकों का खास रोल माना जा रहा था. ऐसे में प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा से निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया के एक बयान से सनसनी मच गयी.

जिस दिन वोट देना था उस दिन राजा भैया ने कहा था…

बता दें कि वोटिंग के दिन कयास लगाये जा रहे थे कि राजा भैया का वोट बीजेपी उम्मीदवार को जा सकता है. जिसके बाद सपा-बसपा के गठबंधन में खलबली मच गयी थी.

जब ख़बरों ने अपने पैर पसारने शुरू किये तो राजा भैया खुद मीडिया के सामने आये और बयान दिया कि “मैं सपा के साथ हूं और उनके ही प्रत्याशी को वोट दूंगा लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वो बसपा को समर्थन करेंगे. मैं बसपा के उम्मीदवार को वोट नहीं दूंगा, मेरा बसपा से पुराना विरोध है.”

राजा भैया के वोट डालने के बाद ही अखिलेश ने किया ये काम

राजा भैया के सपा समर्थन वाले बयान के बाद जैसे अखिलेश की साँस में साँस आई हो, उन्होंने ट्विटर पर राजा भैया का शुक्रिया अदा किया. शुक्रिया अदा करने का तरीका उनका कुछ ऐसा था कि उन्होंने एक फोटो शेयर की जिसमें अखिलेश यादव और राजा भैया एक साथ खड़े थे.

इस तस्वीर के बाद माना जा रहा था कि राजा भैया और अखिलेश यादव में बहुत गहरी दोस्ती है और वो एक दूसरे के साथ हमेशा खड़े दिखाई देंगे. इन सब के बाद जब वोटिंग ख़त्म हुई तो अखिलेश यादव द्वारा ट्वीट की गयी फोटो डिलीट कर दी गयी. ऐसा क्यों हुआ, आइये इसको समझते हैं.

इसलिए डिलीट कर दी गयी फोटो-

दरअसल राजा भैया ने कहा था कि वो सपा के उम्मीदवार को ही वोट देंगे, बसपा को नहीं, जबकि सपा अपनी इकलौती राज्यसभा उम्मीदवर जया बच्चन के लिए अपने विधायकों के वोट फिक्स कर चुकी थी, ऐसे में कहा जाने लगा था कि राजा भैया और उनके प्रभाव में जो वोट हैं वो भाजपा उम्मीदवार को जा सकते हैं.

इस शंका को बल उस वक्त मिल गया जब राजा भैया ने अपना वोट देने के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी से मिलने पहुंचे. जिससे इन कयासो को पर मुहर लगने लगी कि राजा भैया ने बसपा उम्मीदवार भीमराव आंबेडकर को नहीं बल्कि भाजपा प्रत्याशी को ही वोट दिया है.

बसपा नाराज है…

 

बस फिर क्या था कि राजा भैया को लेकर किये गये थैंक्यू ट्वीट को अखिलेश यादव के आधिकारिक अकाउंट से हटा लिया गया. खबर तो ये भी है कि अखिलेश ने ऐसा मायावती की नाराजगी के चलते किया. क्योंकि बसपा का दावा है कि उसके उम्मीदवार को जो वोट 32 मिले थे उनमें खुद के 17 वोट, सपा के 7 वोट और कांग्रेस के 7 वोट शामिल हैं, इसके अलावा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के एक विधायक ने भी बसपा को वोट किया है.

सपा को भी शक है कि…

अब वहीं NBT की खबर में मुताबिक समाजवादी पार्टी को भी शक है कि राजा भैया ने भाजपा के लिए वोट किया है. हालांकि इसको लेकर सपा अपने स्तर पर जांच भी कर रही है लेकिन ट्वीट डिलीट किये जाने से माना जा रहा है कि अखिलेश यादव और राजा भैया के बीच कुछ नाराजगी बढ़ गयी है.

वैसे अगर राजा भैया के राजनीतक जीवन के बारे में बात करें तो अभी तक यही देखा गया है कि राजा भैया विधानसभा चुनावों में निर्दलीय लड़ते हैं और जीतते भी हैं. जीत दर्ज करने के बाद उन्हें अक्सर समाजवादी पार्टी के साथ देखा गया है. वो सपा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. अपनी बिरादरी के अलावा गैर-बिरादरी के विधायकों पर उनका प्रभाव देखा जाता है.

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