PNB घोटाले के बाद PM मोदी ने दिए कड़क आदेश, सामने आया 840 करोड़ रूपए का एक और घोटाला…

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2011 में हुए PNB बैंक घोटाले से जैसे अब घोटालों की झड़ी लग गयी है. इसके बाद रोटोमैक पेन कंपनी का घोटाला सामने आया, फिर OBC बैंक का करोड़ों का घोटाला सामने आया जिसमे पंजाब के सीएम के दामाद पर केस चल रहा है. उसके बाद CANARA बैंक का घोटाला सामने आया जिसमे ममता बैनर्जी का करीबी गिरफ्तार हुआ है.

इस सबके बाद मोदी सरकार ने तुरंत बैंकों को फाइनल अल्टीमेटम जारी करते हुए 20 दिनों का टाइम दिया था कि हर क़र्ज़ की जानकारी सरकार को तुरंत दे. साथ मोदी सरकार ने 50 करोड़ के ऊपर के हर क़र्ज़ धारकों के पासपोर्ट की जानकारी मांगी है और भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून बना दिया है. जिसके बाद अब SBI बैंक का बड़ा घोटाला सामने आया है.

PNB के बाद अब SBI का 8420000000 रूपए का घोटाला

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक के 14000 करोड़ के घोटाले के बाद अगला नंबर SBI बैंक का लगा है. चेन्नई स्थित ज्वेलरी कंपनी कनिष्क गोल्ड के मालिक ने एक साथ 14 बैंकों को एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की चपत लगाई है.

साल 2007 में कांग्रेस सरकार में दिया गया

कनिष्क गोल्ड के मालिक भूपेश जैन और उनकी पत्नी नीता जैन ने एसबीआई सहित 13 अन्य बैंकों से करीब 842.15 करोड़ रुपये का लोन लिया था. इन बैंकों में सरकारी और प्राइवेट बैंक भी शामिल हैं. एसबीआई ने सबसे ज्यादा लोन कनिष्क गोल्ड को दिया था.

एसबीआई की ओर से लिखे पत्र के अनुसार, कनिष्क गोल्ड ने साल 2007 कांग्रेस सत्ता के वक़्त में तेज़ी से कर्ज लेना शुरू किया और बाद में उसने अपनी क्रेडिट की सीमा भी बढ़वा लिया. मार्च 2017 में पहली बार कंपनी ने सभी 14 बैंकों की लोन की किश्त चुकाना बंद कर दिया था.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, 25 जनवरी 2018 को सीबीआई को लिखे एक लेटर में एसबीआई ने आरोप लगाया था कि कनिष्क गोल्ड रिकॉर्ड को बदलने की कोशिश और रातोंरात दुकानें बंद कर रही है. बैंकों के मुताबिक, कंपनी पर 824 करोड़ का कर्ज है और ब्याज मिलाकर यह रकम 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है.

ऑफिस, फैक्ट्री और शोरूम में कामकाज पूरी तरह बंद

बैंकों ने 5 अप्रैल 2017 को कंपनी के खिलाफ ऑडिट शुरू किया था. प्रोमोटर्स से इस दौरान संपर्क करने की कोशिश की गई. लेकिन, उनसे संपर्क नहीं हो सका. 25 मई 2017 को बैंक कनिष्क के कॉरपोरेट ऑफिस में पहुंचे, लेकिन ऑफिस, फैक्ट्री और शोरूम में कामकाज पूरी तरह बंद था. उसी दिन कंपनी प्रोमोटर भूपेश कुमार जैन ने बैंकर्स को चिट्ठी लिखकर यह बात कबूल की थी कि उसने रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ और स्टॉक्स को हटाया है. वहीं, कंपनी के दूसरे शोरूम भी बंद हो चुके थे.

SBI ने करीब 20000 करोड़ के क़र्ज़ को NPA घोषित किया

दरअसल हमने आपको पहली ही बताया था कि SBI ने करीब 20000 करोड़ के क़र्ज़ को NPA घोषित कर दिया है. पूरे देश में करीब 9 लाख करोड़ के क़र्ज़ को बैंकों ने NPA घोषित कर दिया है. NPA मतलब वो क़र्ज़ जिसे अब बैंक वाले वसूल नहीं सकते.

PNB बैंक घोटाले में जनरल मैनेजर पद के बड़े अधिकारीयों ने घोटाले में मदद करी. इन घोटालों में कई बैंक भी शामिल हैं जो सरकार को चूना लगा रहे हैं. पहले धड़ल्ले से आम जनता के पैसे को क़र्ज़ में डूबी कंपनियों को क़र्ज़ लुटाया गया और फिर उस क़र्ज़ को NPA घोषित कर दिया गया और फिर मोदी सरकार आते ही बैंकों को दिवालिया बताया गया जिसके बाद मोदी सरकार ने करीब 3 लाख करोड़ बैंको को पुनर्जीवित करने के लिए दिया.

खुद बैंकों को दी जानकारी “हाँ करी है जालसाज़ी”

अब इसी SBI मामले में देखिये सबसे अनोखी बात यह है कि भूपेश जैने ने बैंको को खुद चिट्ठी लिखकर रिकॅार्ड की जालसाजी करने की बात स्वीकार की थी. लेकिन फिर भी बैंक ने जानकारी सरकार को नहीं दी.

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