कांग्रेस पार्टी मीटिंग में नहीं पहुंचे 4 दिग्गज नेता, फोन नॉट रिचेबल, भेजे हेलिकॉप्टर, दी कत्लेआम की धमकी

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नई दिल्ली : आखिरकार वही हो रहा है, जैसा सबने सोचा था. सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने का दावा कर रही है, तो वहीं कांग्रेस और जेडीएस एक हो गई हैं. कर्नाटक में बीजेपी के बहुमत ना हासिल करने के बावजूद अमित शाह का जादू काम करता दिखाई दे रहा है. राहुल गाँधी की आशाओं पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है

4 विधायकों ने तोड़ा राहुल का सपना, फोन नॉट रिचेबल

राहुल के अपने ही विधायकों ने उनका खेल खराब कर दिया है, जिससे कांग्रेस में हड़कंप मचा हुआ है. दरअसल कर्नाटक में फंसे दांव -पेंच के बीच कांग्रेस विधायक दल की बैठक सुबह साढे आठ बजे से चल रही है. इसमे कांग्रेस विधायक दल का नेता तय किया जाएगा.

ढूंढने के लिए कांग्रेस ने भेजे हेलिकॉप्टर

मगर रिपब्लिक टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़ इस बैठक से कांग्रेस के 4 विधायक नदारद है. पार्टी आलाकमान ने जब उन्हें फोन मिलाया तो उनका फोन नॉट रिचेबल आ रहा है. कांग्रेस ने इन सभी विधायकों को ढूंढने के लिए बिदर और कलबुर्गी में हेलिकॉप्टर भेजे हैं.

इससे कांग्रेस की पेच फंसती नजर आ रही. हांलाकि इस मामले में जब सिद्धारमैया से पुछा गया तो उन्होंने कहा सारे विधायक हमारे साथ है. कोई दल बदल या खरीद – फरोख्त वाली बात नहीं है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी उसके विधायकों को डराने धमकाने की कोशिश कर रही है, यही कारण है कि पार्टी की ओर से विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए कई तरह की कोशिशें की जा रही हैं.

अपने विधायकों पर से टूटा कांग्रेस का भरोसा

कांग्रेस ने इग्लटन रिसॉर्ट में अपने विधायकों के लिए कमरे बुक करवाए हैं. बताया जा रहा है कि 120 कमरे बुक कराए गए हैं. कांग्रेस सभी विधायकों को सरकार बनने तक यहीं पर रहने को कह सकती है जिससे बीजेपी उनसे संपर्क ना कर पाए. देवानागरे नॉर्थ के विधायक शिवशंकरप्पा कांग्रेस दफ्तर छोड़कर आराम करने गए हैं, वह बाद में वापस आएंगे. वह सुबह करीब 300 किमी. कार ड्राइव कर वापस लौटे हैं.

गुलाम नबी आजाद ने दो खून खराबे की धमकी

कांग्रेस अपने सभी 78 विधायकों के साथ बैठक करेगी, लेकिन अभी तक सिर्फ 50 के करीब विधायक ही बैठक में पहुंचे हैं. बेंगलुरु में मौजूद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि बीजेपी उनके विधायकों को धमका रही है. उन पर दबाव बना रही है, उसे लोकतंत्र में भरोसा नहीं है.

आजाद ने कहा कि अगर राज्यपाल ने संवैधानिक मूल्यों का पालन नहीं किया और हमें सरकार बनाने के लिए निमंत्रित नहीं किया, तो यहां खूनी संघर्ष होगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकों के असंतुष्ट होने की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन वास्तव में बीजेपी असंतुष्ट है.

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